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CG Dhan Kharidi: धान खरीदी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड! किसानों को मिला 94,960 करोड़ रुपए का भुगतान

CG Dhan Kharidi: फसल उत्पादन में वैल्यू एडिशन के तहत धान के साथ दलहन, तिलहन और मसालों की खेती की ओर रुझान बढ़ा है।

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धान खरीदी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड (photo source- Patrika)

धान खरीदी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड (photo source- Patrika)

CG Dhan Kharidi: कृषि विभाग, किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो सालों के कामों का लेखा-जोखा कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को प्रस्तुत किया। नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में विभाग के दो वर्ष की उपलब्धियों को गिनाते हुए मंत्री ने कहा, सरकार किसानों के हित के लिए लगातार काम कर रही है और विकसित भारत की परिकल्पना को लेकर आगे बढ़ रही है।

CG Dhan Kharidi: 31 जनवरी तक चलेगी धान खरीदी

बीते दो वर्ष में किसानों को सीधे उनके खातों में कुल 94 हजार 960 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जिससे प्रत्येक किसान को औसतन करीब 3 लाख रुपए का लाभ मिला। राज्य सरकार ने पीपीटी के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराए गए। पहले खाद-बीज की उपलब्धता सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

इसका सकारात्मक असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ा है। मंत्री ने बताया कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगी। अब तक 18,644 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं और 31 जनवरी तक शेष किसानों से भी धान खरीदी पूरी कर ली जाएगी। पिछले दो वर्ष में धान की रेकॉर्ड खरीदी दर्ज की गई है।

किसानों को रेकॉर्ड भुगतान

उन्होंने बताया कि धान किसानों को रेकॉर्ड 25,265 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जिनमें वर्ष 2023-24 में 13,289 करोड़ और 2024-25 में 11,976 करोड़ रुपए शामिल हैं। 33 हजार गन्ना किसानों को 92.57 करोड़ रुपए का गन्ना बोनस दिया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 1.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपए का लाभ मिला है। खरीफ 2025 से धान के अलावा अन्य फसलों के किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

36 गौ-धाम को मंजूरी

उन्होंने कहा, प्रदेश में 22,000 हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर से सूक्ष्म ङ्क्षसचाई, 38,000 हेक्टेयर में जैविक खेती और 50,000 हेक्टेयर में जैविक प्रमाणीकरण जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में 36 गौ-धाम को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 11 गौ-धाम पहले से संचालित हैं। प्रत्येक गौ-धाम में 150 से 200 घुमंतू पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। आने वाले समय में पशु नस्ल सुधार पर विशेष फोकस रहेगा।

मंडी बोर्ड को मिला प्रथम पुरस्कार

उन्होंने बताया कि ई-नाम पोर्टल में छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड को प्रथम पुरस्कार मिला है। मत्स्य बीज उत्पादन और मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है, जबकि 2025 में झींगा सह मछली पालन की शुरुआत की जाएगी। सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई संभावनाएं साकार हो रही हैं और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

अन्य फसलों के उत्पादन में भी रुचि ले रहे किसान

CG Dhan Kharidi: मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान धान के अलावा चक्रीय फसलों के उत्पादन की ओर रुचि ले रहे हैं। नेताम ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गौधाम योजना के तहत गौठानों की स्वीकृति, पशुओं के इलाज व देखभाल की व्यवस्था तथा पॉम ऑयल की खेती के प्रति बढ़ते रुझान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान अब दलहन, तिलहन और मसालों की खेती की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

जलवायु के अनुरूप कृषि योजनाएं तैयार की जा रही : निगार

इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने विभागीय उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, मिट्टी की उर्वरता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए कृषि योजनाएं तैयार की जा रही हैं। प्राकृतिक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है और एग्रिस्टेक पोर्टल के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। रबी फसलों के क्षेत्र विस्तार के साथ दलहन-तिलहन को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है।