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किस्त बंद होने का डर! महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से महिलाओं की बढ़ी चिंता, एक अक्षर की गलती पड़ रही भारी

Mahtari Vandan Yojana KYC: छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया को लेकर राजधानी रायपुर में हलचल बढ़ गई है। जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में हितग्राहियों की भीड़ देखी जा रही है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 18 Apr 2026, 12:47 PM IST

किस्त बंद होने का डर! महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से महिलाओं की बढ़ी चिंता, एक अक्षर की गलती पड़ रही भारी(photo-patrika)

किस्त बंद होने का डर! महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से महिलाओं की बढ़ी चिंता, एक अक्षर की गलती पड़ रही भारी(photo-patrika)

Mahtari Vandan Yojana KYC: छत्तीसगढ़ में इन दिनों देश में नारी सशक्तिकरण पर बात हो रही है, वहीं राजधानी में महतारी वंदन की किस्त पर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, शासन की ओर से महतारी वंदन हितग्राहियों का नो योर कस्टमर यानी केवायसी प्रकिया चल रही है। यह जून तक चलेगी। राजधानी के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में हितग्राहियों की भीड़ देखी जा सकती है।

जहां आधे से ज्यादा महिलाएं को लेकर परेशान हैं। आधार कार्ड और फॉर्म में भरे गए नाम की स्पेङ्क्षलग में अंतर होने से महिलाओं को किस्त बंद होने का डर सता रहा है। हालांकि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आश्वस्त किया गया है कि किसी भी पात्र हितग्राही की किस्त बंद नहीं होगी। जून तक का समय है, तब तक केवायसी करवा लें।

Mahtari Vandan Yojana KYC: महतारी वंदन ई-केवाईसी के लिए ये फॉर्मेट वायरल हुआ है।

  • लिस्ट में नाम नहीं, आंगनबाड़ी जाइए
  • कहां- कालीबाड़ी
  • समय- डेढ़ बजे

स्थान- चॉइस सेंटर

चॉइस सेंटर में कुछ महिलाएं हैं। उनके हाथों में आंगनबाड़ी की एक पर्ची है। उसमें नाम और महतारी वंदन योजना (एमवीवाय) नंबर है। ऑपरेटर उन नंबर्स को पोर्टल पर चेक कर रहे हैं। जिनके नाम नहीं उन्हें आंगनबाड़ी भेजा जा रहा है। इनमें से कुछ महिलाओं के नाम की स्पेङ्क्षलग सही नहीं है। उन्हें आधारकार्ड लेकर आंगनबाड़ी केंद्र विजिट करने की सलाह दी जा रही है।

  • नाम में गड़बड़ी, आंगनबाड़ी में सुधरेगा
  • कहां- मठपुरैना
  • समय- 4.30 बजे

स्थान- चॉइस सेंटर

42 डिग्री टेंप्रेचर में महिलाओं का समूह चाइंस सेंटर में ऑपरेटर का इंतजार कर रहा है। लंबे इंतजार के बाद ऑपरेटर पहुंचा। महिलाओं ने उसे आंगनबाड़ी से प्राप्त पर्ची थमा दी। यहां भी आधार कार्ड और पोर्टल में लिखे नाम में अंतर दिखा। जिनके नाम में अंतर था उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिलने के लिए कहा गया।

  • सिर्फ पूछताछ
  • कर रहीं
  • कहां- लाखे नगर
  • समय- 5 बजे

कहां- चॉइस सेंटर

यहां बैठे ऑपरेटर ने बताया कि हमारे यहां पोर्टल में नाम चेक किया जा रहा है। स्पेङ्क्षलग मिस्टेेक की समस्या है जिसे संबंधित आंगनबाडिय़ों में सुधार के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि अभी बड़ी संख्या में महिलाएं नहीं पहुंच रहीं। पूछताछ के लिए आ रही हैं।

  • 40 फीसदी
  • स्पेङ्क्षलग मिसमैच
  • कहां- भाटागांव
  • समय- 4 बजे

स्थान- चॉइस सेंटर

दो महिलाएं केवायसी करवाकर लौट रहीं थीं। ऑपरेटर से ई- केवायसी की प्रक्रिया पूछने पर उसने बताया कि हितग्राही को आधार कार्ड के साथ आना होगा। 8 से 10 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। 10 में से 3-4 लोगों के नाम की स्पेङ्क्षलग की समस्या आ रही है।

विकास अधिकारी महिला बाल शैल ठाकुर ने कहा की किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि नाम काटना हमारा उद्देश्य नहीं है। ई-केवायसी एक सामान्य प्रक्रिया है। यह हर योजना में होती है। रही बात नाम की स्पेङ्क्षलग में गड़बड़ी की तो ज्यादातर लोगों ने महतारी वंदन का फॉर्म ऑनलाइन भरा था। फॉर्म भरते वक्त स्पेङ्क्षलग आगे-पीछे हो गई होगी। चॉइस सेंटर से केवायसी आसानी कराया जा सकता है। स्पेङ्क्षलग मिसमैच वाले आंगनबाड़ी से संपर्क कर सकते हैं।