17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्रिका इंटरव्यू: फिल्म सिटी और सब्सिडी मेरी प्राथमिकता में शामिल, मोना सेन बोलीं- बहन को बड़े डायरेक्टर ने फिल्म का ऑफर दिया था लेकिन…

Mona Sen: मेरी पहली प्राथमिकता है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक सूत्र में बांधा जाए। निर्माता, निर्देशक, तकनीशियन सभी को साथ लेकर चलना है।

2 min read
Google source verification

रायपुर

image

Khyati Parihar

image

ताबीर हुसैन

Oct 19, 2025

फिल्म सिटी और सब्सिडी मेरी प्राथमिकता में शामिल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

फिल्म सिटी और सब्सिडी मेरी प्राथमिकता में शामिल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Mona Sen: मेरी पहली प्राथमिकता है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक सूत्र में बांधा जाए। निर्माता, निर्देशक, तकनीशियन सभी को साथ लेकर चलना है। मैं सभी से बैठकर बात करूंगी और इंडस्ट्री की समस्याओं को मिलकर हल करने का प्रयास करूंगी। यह कहा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष मोना सेन ने।

पत्रिका से खास बातचीत में मोना ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं और कहा कि मैं हमेशा साफ-सुथरे ढंग से काम करने में विश्वास रखती हूं। मेरा लक्ष्य इंडस्ट्री का नाम ऊंचा करना है, किसी को परेशान नहीं करना। चाहे फिल्म सिटी का निर्माण हो सब्सिडी। दोनों मेरी प्राथमिकता सूची में है। गांव-गांव में थिएटर बनने चाहिए ताकि हमारी फिल्में उनकी पहुंच में हो। इन सभी मुद्दों के लिए हम सरकार और इंडस्ट्री दोनों के साथ मिलकर ठोस हल निकालेंगे। पेश है उनसे बातचीत के संपादित अंश।

Q. सबसे पहले बहुत-बहुत बधाई आपको एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। कैसा लग रहा है?

A. बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूरे संगठन का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मैं इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश करूंगी।

Q. तकनीशियनों के हितों की बात कम उठती है। क्या उनके लिए भी कुछ सोचेंगी आप?

A. फिल्म विकास निगम सबके लिए है। निर्माता, निर्देशक, कलाकार या तकनीशियन। सभी को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। मैं तो स्पॉट ब्वॉय की परेशानी भी सुनूंगी।

Q. 2026 में 40 से अधिक फिल्मों की घोषणा हुई है, लेकिन सफलता इक्का-दुक्का फिल्मों को मिलती है। आप पर क्या कहेंगी?

A. हर निर्माता चाहता है कि उसकी फिल्म हिट हो। अगर फिल्म असफल होती है, तो हमें मिलकर समझना चाहिए कि कहां सुधार किया जा सकता है। अगर मुझसे कोई राय मांगेगा तो मैं जरूर सलाह दूंगी।

Q. छोटे निर्माता और थिएटर मालिकों के बीच अग्रिम किराए को लेकर चर्चा रहती है। इस पर क्या कदम उठाएंगी?

A. मैं चाहती हूं कि किसी को भी कोई तकलीफ न हो। सभी पक्षों की बात सुनूंगी और संतुलन बनाकर आगे बढ़ूंगी ताकि इंडस्ट्री में सौहार्द बना रहे।

Q. आपकी बहन को फिल्मों में आने का प्रस्ताव मिला था लेकिन आपने ही मना कर दिया था। किसी बड़े डायरेक्टर ने ऑफर दिया था। क्यों मना किया था?

A. हां, सही है। उस समय मेरी बहन गुड़िया की पढ़ाई (सिविल सर्विसेज) चल रही थी, इसलिए उसने फिल्मों से दूरी बनाई। लेकिन हम दोनों का रुझान कला और समाजसेवा दोनों में रहा है और हम इसे बखूबी करेंगे।