
एक हजार साल तक मजबूत रहे राम मंदिर की बुनियाद, देश की 4 एनआईटी तैयार कर रही हैं 'नींव स्ट्रक्चर'
रायपुर. अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर की बुनियाद इतनी मजबूत होगी कि वह 1 हजार वर्षों तक टिका रहेगा। मंदिर न्याय ने यह टास्क निर्माण करने वाली और सलाहकार एजेंसियों को दिया है। बीते 3-4 महीने से पूरी कवायद इसी पर केंद्रित है। इसके लिए आईआईटी मुंबई, कानपुर, गोवाहाटी, चेन्नई और सीबीआरटी रूढ़की की मदद ली जारी है।
टाटा कंस्लटेंसी एजेंसी के इंजीनियर भी इस टीम का हिस्सा हैं। मंदिर सरयू नदी के किनारे बन रहा है, जहां पर मिट्टी भुरभूरी है। 200 फीट गहराई में जाकर नींव डालनी होगी। ये बातें विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहीं। वे बुधवार को रायपुर में थे। विश्व हिंदू परिषद के पंडरी स्थित कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान देशपांडे ने कहा कि नींव को लेकर 90 प्रतिशत सहमति बन गई है। जल्द ही अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। संभवता एक महीने के अंदर।
चंदा लेने 10 से 1000 तक का कूपन
एक सवाल के जवाब में देशपांडे ने कहा, निर्माण में कितना बजट लगेगा, अभी कह पाना मुश्किल है। अभी हमारे न्यास के खाते में 30-40 करोड़ रुपए हैं। हम छत्तीसगढ़ के 19 हजार गांवों के 4 लाख घरों तक संपर्क करेंगे। जब संपर्क होगा तो सहयोग तो मांगा जाएगा।
इसलिए तो 10, 100 और हजार रुपए के कूपन तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 'मंदिर का निर्माण राष्ट्र का निर्माण है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिनको राजनीति करनी है उन्हें करने दो, हम अपना काम कर रहे हैं।
Published on:
23 Dec 2020 10:37 pm
