
गैरकानूनी तरीकों से चल रहा जमीनों की बिक्री का काम, एजेंट बन पैसे वसूल रहे निगम कर्मचारी
रायपुर . डेयरी संचालन के लिए गोकुलनगर में निगम से कौड़ी के दाम पर जमीन मिलने के बाद अब इसे बेचने का खेल चल रहा है। इस खेल में निगम के कर्मचारी जमीन दूसरे के नाम पर हस्तांतरित कराने वाले का बखूबी साथ दे रहे हैं। इसके बदल्ेा में निगम कर्मचारी दोनों पक्षों से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
वर्तमान में गोकुल नगर में 118 लोगों को जमीन आवंटित है। निगम ने वर्ष 2007-08 में करीब 128 लोगों को जमीन आवंटित की थी, लेकिन बाद में एमआइसी ने 10 लोगों की जमीन निरस्त कर दी थी। इस तरह तब से अब तक 118 लोगों को ही जमीन आवंटित है।
जानकारी के अनुसार अब तक करीब एक दर्जन लोगों की जमीन दूसरे के नाम पर हस्तांतरित हो चुकी है। निगम ने डेयरी संचालकों को आवंटित जमीन को लीज पर दिया है। डेयरी संचालकों के साथ निगम प्रशासन द्वारा किए गए लीज एग्रीमेंट की 10 वीं कंडिका में स्पष्ट लिखा है कि आवंटित जमीन को किसी भी सूरत में दूसरे के नाम हस्तांरित नहीं कर सकते हैं। यदि डेयरी का संचालन बंद करते हैं, तो जमीन निगम को वापस करनी होगी। लेकिन गोकुल नगर में कुछ लोगों ने डेयरी संचालन के लिए निगम से जमीन तो ले ली है, लेकिन वहां डेयरी का संचालन नहीं किया जा रहा है, बल्कि वहां अब किसी ने परचून की दुकान खोल ली है,तो किसी ने आवासीय मकान बनाकर किराए पर दे दिया है।
1 रुपए प्रति वर्गफीट में मिली थी जमीन, हर माह किराया भी नहीं भर पाए निगम प्रशासन ने गोकुल नगर में करीब 118 लोगों को जमीन आवंटन एक रुपए प्रति वर्गफीट की दर से की थी। इसका किराया भी निगम में हर माह जमा करना था। दो हजार वर्गफीट वाले के लिए 540 रुपए और चार हजार वर्गफीट वाले को 1132 रुपए हर माह किराया जमा करना था। पिछले आठ-दस साल से लोगों ने किराया ही जमा नहीं किया था। यह राशि ब्याज सहित करीब तीन करोड़ रुपए पहुंच गई। राशि बहुत अधिक बढ़ जाने पर निगम प्रशासन ने पिछले डेयरी संचालकों पर किराया और ब्याज की राशि जमा करने को कहा, नहीं तो आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी थी।
डेयरी संचालकों ने किश्त में राशि जमा करने की बात कही। जिस पर निगम तैयार हो गया। अब निगम ने बड़े प्लॉट धारकों को 20 हजार महीना व छोटे प्लॉट धारकों को 10 हजार मासिक जमा करने को कहा। इसमें भी कुछ लोगों ने शुरू में राशि तो जमा की लेकिन किश्त भरना बंद कर दिया है। अब फिर से महापौर से गुहार लगाकर किश्त की राशि कम करने की मांग की है।
नगर निगम आयुक्त रजत बंसल ने बताया कि गोकुल नगर में आवंटित जमीन किसी भी सूरत में दूसरे के नाम हस्तांरित नहीं की जा सकती है। यदि एेसा खेल चल रहा है, तो इसकी जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिस भी डेयरी संचालक ने जमीन दूसरे के नाम हस्तांरित कराई है, उसका आवंटन निरस्त किया जाएगा।
Published on:
25 Jul 2018 10:05 am
