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Chhattisgarh News: पीठ पर साढ़े 10 किलो का ट्यूमर 15 साल तक ढोता रहा, फिर अचानक हुआ कुछ ऐसा, जानकर चौंक जाएंगे

Raipur News: डॉ. सोनकर ने बताया कि मरीज के पीठ पर यह ट्यूमर 15 वर्षों से मौजूद था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। वर्षों तक यह बढ़ती हुई गांठ मरीज के जीवन पर भारी बोझ बनती चली गई।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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पीलूराम साहू

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Updated: 12 Apr 2026, 12:59 PM IST

पीठ पर साढ़े 10 किलो का ट्यूमर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

पीठ पर साढ़े 10 किलो का ट्यूमर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: आंबेडकर अस्पताल में एक व्यक्ति के पीठ से साढ़े 10 किलो वजन वाला ट्यूमर निकाला गया। जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मरीज का ऑपरेशन किया। 44 वर्षीय व्यक्ति जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था। ट्यूमर के कारण उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित थी। 15 सालों से वह ट्यूमर के साथ जी रहा था। ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Chhattisgarh News: विश्व स्तर पर लगभग 22 किलोग्राम तक के ट्यूमर निकाला गया

डॉक्टरों के अनुसार, उपलब्ध मेडिकल लिटरेचर के अनुसार भारत में अब तक लगभग 8 किलोग्राम तक के ट्यूमर निकालने का उल्लेख है। जबकि विश्व स्तर पर लगभग 22 किलोग्राम तक के ट्यूमर निकाला गया है। अस्पताल के अधीक्षक व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. संतोष सोनकर व सर्जरी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों ने ट्यूमर निकाला।

15 साल तक पीठ पर 10.5 किलो का बोझ

डॉ. सोनकर ने बताया कि मरीज के पीठ पर यह ट्यूमर 15 वर्षों से मौजूद था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। वर्षों तक यह बढ़ती हुई गांठ मरीज के जीवन पर भारी बोझ बनती चली गई। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि मरीज को चलने-फिरने, बैठने, उठने, सोने और दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों तक में अत्यधिक कठिनाई होने लगी।

केवल शारीरिक कष्ट ही नहीं, बल्कि इतने बड़े ट्यूमर के कारण मरीज को मानसिक पीड़ा, सामाजिक असहजता और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा था। सर्जरी में डॉ. राजेंद्र रात्रे, डॉ. मयंक भूषण मिश्रा एवं सीनियर रेसीडेंट डॉ. प्रेक्षा जैन भी शामिल थे। एनीस्थीसिया टीम में डॉ. प्रतिभा जैन शाह व डॉ. जया लालवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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