राहत की खबर: बीते 21 दिनों में हर दिन कमजोर पड़ता गया कोरोना वायरस

- प्रदेश में अब 25,795 कोरोना मरीज, इनमें सिर्फ 13 प्रतिशत अस्पतालों में
- 87 प्रतिशत मरीज कम लक्षण वाले, ये होम आइसोलेशन या फिर कोविड केयर सेंटर में

By: Ashish Gupta

Published: 23 Oct 2020, 02:53 PM IST

रायपुर. प्रदेश में अगस्त और सितंबर में कोरोना वायरस का असर अपने चरम पर था, मगर अक्टूबर की शुरुआत से कमजोर पड़ना शुरू हुआ वह सिलसिला जारी है। यही वजह है कि प्रदेश में अब सिर्फ 25 हजार के करीब एक्टिव मरीज रह गए हैं। उनमें भी सिर्फ 13 प्रतिशत मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। 21 अक्टूबर तक स्वास्थ्य विभाग के अपने कोविड19 अस्पतालों में 13,268 बेड हैं। इनमें से सिर्फ 3,402 बेड में ही मरीज हैं। 9,866 बेड खाली हैं।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 25 हजार एक्टिव मरीजों में अस्पतालों में 13 प्रतिशत मरीजों को छोड़ दिया जाए तो बाकी 87 प्रतिशत मरीज हल्के लक्षण वाले या फिर बिना लक्षण वाले हैं। जो कोविड केयर सेंटर में या फिर इन्होंने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना है। विशेषज्ञों की मानें तो जो वायरस लोड अप्रैल, मई और जून में था, लगभग वही है। अगस्त-सितंबर में मिलने वाले मरीजों में वायरस लोड अधिक पाया जा रहा था। यही कारण था कि मरीजों को ठीक होने में 10-15 दिन तक लग जा रहे थे।

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अभी गंभीर मरीज ज्यादा मिल रहे
एम्स, डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल और प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेजों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अभी मरीज भले ही कम संक्रमित हो रहे हैं। भले ही रिकवरी रेट अधिक हो, मगर गंभीर मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। खासकर वे जो अन्य बीमारियों जैसे- कैंसर, बीपी-शुगर, हार्ट, लिवर, किडनी या फिर फेफड़ों के संक्रमण से ग्रसित हैं। लक्षण होने के बाद भी जांच करवाने कोविड केयर सेंटर नहीं जा रहे। जा रहे हैं तो जब तकलीफ काफी बढ़ जा रही है। तब तक देर हो जा रही है। और यही लापरवाही मौत के आंकड़ों को 1,650 के पार ले गई है।

49.8 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में ठीक
जुलाई के आखिरी हफ्ते में होम आइसोलेशन के नियम लागू होते ही, मरीजों ने इस विकल्प को हाथों-हाथ लिया। ढाई महीने में 69,789 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। जो ठीक हुए कुल मरीजों का 49.8 प्रतिशत है। जबकि अस्पताल और कोविड केयर सेंटर में रहते हुए 70,427 मरीज ठीक हुए।

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होटल में मरीजों को भर्ती करने की जरुरत नहीं
अगस्त-सितंबर में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सरकार ने निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति जारी की थी। अस्पतालों ने होटलों में अस्थाई हॉस्पिटल या कोविड केयर सेंटर बनाए थे। सबसे ज्यादा राजधानी रायपुर में ही थे, क्योंकि यहां एक्टिव मरीजों की संख्या 13 हजार के ऊपर जा पहुंची थी। मगर, अब ये खाली हैं। इनमें बेबीलोन कैपिटल, वेंकटेश, होटल पोर्टिको, अमित रिजेंसी, होटल आईस्टे, ऑल नियर, क्लार्क इन। अब ये सभी खाली हैं।

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा, जितने मरीज अस्पतालों में है, स्पष्ट है कि उन्हें ऑब्जर्वेशन (निगरानी) की जरुरत है। निश्चित तौर पर स्थिति नियंत्रण है, मगर सतर्कता जरूरी है।

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डॉ. आंबेडकर अस्पताल एवं सदस्य कोरोना कोर कमेटी और टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. आरके पंडा का कहना है, आंबेडकर अस्पताल समेत सभी कोविड19 अस्पतालों में गंभीर मरीज ही भर्ती हैं। 45 मरीज आईसीयू में हैं। उनमें बुजुर्ग, अन्य बीमारी से पीडि़त लोग हैं। मगर, हमने यह मान लिया कि वायरस खत्म हो गया है, तो यह हमारी बड़ी भूल होगी।

6 जिले जहां 1000 से एक्टिव मरीज
रायपुर- 7,763
जांजगीर चांपा- 2,130
रायगढ़- 1,920
कोरबा- 1,857
दुर्ग- 1,840
राजनांदगांव- 1,051

'पत्रिका' इंवेस्टीगेशन-
रिकवरी रेट- 83.6 प्रतिशत, डेथ रेट- 0.97 प्रतिशत
तारीख- कुल मरीज- डिस्चार्ज - एक्टिव मरीज- मौत
30 सितंबर- 1,13,602- 81,718- 30,927- 957
21 अक्टूबर- 1,67,639- 1,40,216- 25,795- 1628

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