
कई पदों पर भर्ती (फोटो सोर्स- AI)
रायपुर@अनुराग सिंह। Guest Lecturer Policy 2026: उच्च शिक्षा संचालनालय ने अतिथि व्याख्याता (संशोधित 2026) नीति जारी कर दी है। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का अध्यापन, प्रायोगिक, खेल-कूद, पुस्तकालय जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं जिसे देखते हुए यह नीति प्रस्तावित की गई है। इसके तहत यदि किसी संस्थान में एक ही विषय के प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के एक से अधिक रिक्त पदों हेतु विज्ञापन जारी किया जाता है तो उस विषय के लिए अभ्यर्थी को एक ही आवेदन करने होंगे।
विषय की मेरिट सूची में वरीयता के अनुसार ही प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद पर व्यवस्था की जाएगी। यदि नियमित रिक्त पदों के विरुद्ध न्यूनतम शैक्षणिक अहर्ताधारी आवेदकों के उपलब्ध होने की स्थिति में अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल एवं अतिथि क्रीड़ा अधिकारी की व्यवस्था की जा सकेगी। आवेदक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अतिथि शिक्षण सहायक, अतिथि ग्रंथालय सहायक एवं अतिथि क्रीड़ा सहायक की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, एक शिक्षा सत्र में 5 माह तक अध्यापन करवाने की स्थिति में ही अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल एवं अतिथि क्रीड़ा अधिकारी को कार्य करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रावधानों के अनुसार होगी। इसके तहत व्यवस्था के अंतर्गत अतिथि शिक्षण सहायक, ग्रंथालय सहायक, क्रीड़ा सहायक के लिए स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए। आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत होना चाहिए।
अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल, अतिथि क्रीडा अधिकारी, अतिथि शिक्षण सहायक, अतिथि ग्रंथालय सहायक एवं अतिथि क्रीड़ा सहायक के लिए प्रतिदिन 7 घंटा कार्य कररना अनिवार्य है। महाविद्यालयों में अध्यापन के अतिरिक्त प्रवेश, परीक्षा, छात्रसंघ चुनाव, विभिन्न योजनाओं का संचालन, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्रीड़ा गतिविधियां, युवा उत्सव, आंतरिक परीक्षाओं का संचालन एवं मूल्यांकन, नैक मूल्यांकन संबंधी कार्यों में सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा ट्यूटोरियल, रेमेडियल क्लासेस आदि में भी शिक्षण का कार्य करेंगे।
नीति के प्रत्येक शिक्षण सत्र में 11 आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी। इसमें मानदेय देय होगा। वहीं पी-एच.डी. हेतु कोर्स वर्क/शोध-ग्रंथ कार्य पूर्ण करने के आवेदन पर अधिकतम 180 दिवस का अवैतनिक पी-एच.डी. अध्ययन अवकाश दिया जाएगा। मातृत्व अवकाश अधिकतम 180 दिवस के लिए दिए जाएंगे। लेकिन वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
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Updated on:
20 Jul 2026, 7:17 AM IST
Published on:
20 Jul 2026, 7:17 AM IST
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