
अतिथि व्याख्याताओं का फूटा गुस्सा (photo source- Patrika)
Guest Lecturer Protest: प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याताओं की तकलीफें बढ़ती जा रही है। एक बार फिर वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। उनका आरोप है कि एक तरफ कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें छुट्टियों का वेतन तक नहीं मिलता और पीरियड के हिसाब से भुगतान किया जाता है। संघ का कहना है कि नियम-2024 की विसंगतियों के कारण युवा प्राध्यापकों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छत्तीसगढ़ मूल निवासी शासकीय महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता कल्याण संघ ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संघ का कहना है कि प्रदेश में अतिथि व्याख्याताओं को न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। हालत यह है कि छुट्टी के दिन का मानदेय काट लिया जाता है। आरोप है कि वर्ष 2024 में बनाए गए नियमों की कई विसंगतियों के कारण उन्हें आर्थिक और पेशेवर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस संबंध में बीते दिनों छत्तीसगढ़ मूल निवास महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता कल्याण संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से भी मुलाकात की थी। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लव कुमार वर्मा ने बताया कि कई होनहार युवा पड़ोसी राज्यों मेें पलायन को मजबूर हैं। दूसरे राज्यों में बेहतर सैलरी दी जा रही है।
संगठन का दावा है कि हरियाणा, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में अतिथि व्याख्याताओं को 57 हजार रुपये या उससे अधिक का मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में स्थिति इससे काफी अलग है। प्रति कक्षा 2400 रुपये मानदेय से जुड़े प्रावधानों का भी प्रभावी तरीके से पालन नहीं हो रहा है। यहां 300, 400, 500, 700, 800 अलग-अलग दर से वेतन की गणना हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Updated on:
16 Jul 2026 01:18 pm
Published on:
16 Jul 2026 12:28 pm
