
संजीवनी कर्मचारियों को मिला अल्टीमेटम, इतने दिनों में वापस नही लौटे तो सेवा समाप्त
रायपुर. वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर 16 दिन से बेमियादी हड़ताल पर डटे संजीवनी व महतारी कर्मियों को कंपनी ने अल्टीमेटम दिया है। 4 अगस्त तक काम पर नहीं लौटने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी है। इधर संजीवर्नी कमियों ने हड़ताल जारी रखते हुए मंगलवार को ईदगाहभाटा स्थित धरना स्थल पर अद्र्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
संजीवनीकर्मियों की हड़ताल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मानी जाने वाली 102/108 एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई हंै। वहीं इस हड़ताल को खत्म कर सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए शासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। मंगलवार को संजीवनी कर्मचारी कल्याण संघ के सदस्यों ने ईदगाहभाठा स्थित धरना स्थल पर अद्र्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन कर कंपनी और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने बताया, कि कंपनी की ओर से कलक्टर द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान भी नहीं दिया जा रहा है। साथ ही शासन की ओर से भी नियमितीकरण के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। इन हालातों में संघ का हड़ताल से वापस जाना नामुमकिन है। शासन ने आपात सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान होने की स्थिति में कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही गई है। इधर कंपनी के अनुसार मंगलवार शाम 5 बजे तक 102 महतारी एक्सप्रेस से 807 व 108 संजीवनी से 451 मरीजों को सेवाएं देने का दावा किया गया।
कंपनी के प्रवक्ता पंकज रहांगडाले ने बताया, कि उनकी ओर से प्रतिदिन 5-10कर्मियों की नियुक्तियां की जा रही हैं। साथ ही अब तक ६३ हड़ताली कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं मंगलवार को कंपनी ने नोटिस जारी करते हुए कर्मियों को 4 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। प्रबंधन का कहना है, कि यदि निर्धारित तिथि तक वापस नहीं लौटने पर उनकी सेवाएं पूर्णत: समाप्त कर दी जाएंगी।
जीवीके प्रवक्ता पंकज रहांगडाले ने कहा कि कर्मियों की मांगें हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। एेसे में हमने हर संभव प्रयास करके देख लिया। आखिरी नोटिस कर्मियों को जारी किया गया है, इसके बाद सभी की सेवाएं स्वत: समाप्त हो जाएंगी।
संजीवनी कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि हमारी मांगों में कलक्टर दरों पर वेतनमान प्रमुख है, एेसे में शासन द्वारा निर्धारित नियमों से ही कंपनी अनदेखी कर रही है। एेसे में जब तक हमें स्थायी समाधान नहीं मिलेगा, हमारा विरोध जारी रहेगा।
Updated on:
01 Aug 2018 01:39 pm
Published on:
01 Aug 2018 01:37 pm
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