फुलेरा, गीली काली मिट्टी अथवा बालू रेत, आमपत्ता, केले का पत्ता, फल एवं फूल पत्ते, बेल पत्र, शमी पत्र, धतूरा, तुलसी मंजरी, जनेऊ, मौलीधागा, वस्त्र, माता गौरी के (Hartalika Teej 2024) लिए सुहाग सामग्री, घी, तेल, दीपक, कपूर, कुमकुम, सिंदूर, अबीर, चंदन, नारियल, कलश, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद से पंचामृत।