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स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने किया आंबेडकर अस्पताल का औचक निरीक्षण, बैठक में कही यह बातें

Raipur News: आंबेडकर अस्पताल के कैंसर विभाग में लगी पेट सीटी स्कैन व गामा कैमरे मशीन 5 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 1 जनवरी को अस्पताल का निरीक्षण कर कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी देने वाली दोनों मशीनों को तत्काल शुरू करने को कहा था।

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Chhattisgarh News: आंबेडकर अस्पताल के कैंसर विभाग में लगी पेट सीटी स्कैन व गामा कैमरे मशीन 5 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 1 जनवरी को अस्पताल का निरीक्षण कर कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी देने वाली दोनों मशीनों को तत्काल शुरू करने को कहा था। लेकिन मशीन काे चालू करने के लिए एक फाइल नहीं चली है। सोमवार को दोबारा निरीक्षण पहुंचे जायसवाल को पत्रकारों ने मशीन चालू नहीं होने के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने कहा कि इसमें तकनीकी कारण का पेंच है। इस मशीन के शुरू नहीं होने से दो निजी व एम्स में लंबी वेटिंग है। मरीजों को निजी अस्पतालों में 22 से 25 हजार रुपए खर्च करना पड़ रहा है। जबकि एम्स में 7500 रुपए जांच शुल्क है, लेकिन वेटिंग लंबी होने के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है।

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मशीन को चलाने के लिए पीपीपी मोड पर मुंबई की एक कंपनी को दिया था। चालू नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। दरअसल न्यूक्लियर मेडिसिन के अंतर्गत ये मशीनें आती हैं। अस्पताल में ये विभाग ही नहीं है। एजेंसी ने सारे स्टाफ की व्यवस्था की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार आते ही मशीन शुरू होने के बजाय बंद ही रही। जायसवाल ने आईसीयू, मेडिसिन वार्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत भी की। गर्मी के पहले ही बंद पड़े वॉटर कूलरों को चालू करने को कहा। एचओडी की बैठक लेकर सभी से अपने विभागों की जरूरतों को डीन के माध्यम से भेजने को कहा। रेडियो डायग्नोसिस विभाग में एमआरआई व सीटी स्कैन मशीन काफी पुरानी हो गई है। ये मशीनें कभी भी खराब हो जाती हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि जल्द नया प्रस्ताव बनाकर भेजिए। सीटी स्कैन का प्रस्ताव सीजीएमएससी को चला गया है, लेकिन 10 टेंडर के बाद भी ये मशीन खरीदी नहीं जा सकी है। मंत्री ने ओटी कांप्लेक्स व आयुष्मान विंग में एंडोस्कोपी ऑपरेशन थिएटर को मर्ज करने को कहा ताकि ओटी एक स्थान पर हो सके। इससे मरीजों की सर्जरी में भी आसानी होगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने डायलिसिस यूनिट में कहा कि आवश्यकता पड़ने पर डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि पहली बार निरीक्षण में जो निर्देश दिए थे, उसमें काम हुआ है। वे सुधार से संतुष्ट दिखे। डीन डॉ. तृप्ति नागरिया व अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम को गर्मी के आने के पहले वाटर कूलर, पंखे एवं कूलरों की व्यवस्था वार्डों एवं ओपीडी में करने को कहा।

जरूरी मशीनों के लिए भेजें प्रस्ताव

जायसवाल ने एचओडी के साथ बैठक में कहा कि जरूरी मशीनों के लिए दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजें। जिससे भविष्य में मरीजों को ऑपरेशन, पैथोलॉजी बायोकेमिस्ट्री व माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी जांच एवं रेडियोलॉजी जांच के लिए इंतज़ार न करना पड़े। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा के मद्देनज़र पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. निधि पांडे, डॉ. मंजू सिंह, डॉ. विनित जैन, डॉ. प्रतिभा जैन शाह, डॉ. पी. के. खोडियार, डॉ. विजय कापसे, डॉ. योगेन्द्र मल्होत्रा, डॉ. संतोष सोनकर समेत अनेक लोग उपस्थित थे।

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