
लू से डिहाइड्रेशन ही नहीं हार्ट अटैक (Photo AI)
Cardiac Arrest Risk: भीषण गर्मी सेहत के दुश्मन तो है ही, हार्ट व ब्रेन के मरीजों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। पिछले दो माह में हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक के केस बढ़ गए हैं। एसीआई में जनवरी से अप्रैल तक यानी 4 माह में 585 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई है। जबकि 726 मरीजों की एंजियोग्राफी की गई है। एंजियोप्लास्टी का मतलब है कि हार्ट अटैक आने के बाद मरीजों को स्टेंट लगाए गए हैं। वहीं डीकेएस समेत निजी अस्पतालों में ब्रेन स्ट्रोक के काफी मरीज आए हैं।
डॉक्टरों के अनुसार भीषण गर्मी में पसीना निकलने से शरीर में पानी के अलावा नमक की कमी हो जाती है। इससे खून गाढ़ा हो जाता है और थक्का जमने की आशंका बढ़ जाती है। ये थक्का दिल में फंसे तो हार्ट अटैक और ब्रेन में फंसे तो ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है।
बिलासपुर में मंगलवार को योग आयोग के अध्यक्ष 72 वर्षीय रूपनारायण सिन्हा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। तब वे भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में थे। उन्हें सीने में दर्द व बैचेनी की शिकायत के बाद सिम्स में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के सीजन में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
104 फॉरेनहाइट खतरनाक - मनुष्य के शरीर का तापमान 104 फॉरेनहाइट से ऊपर जाने पर कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है। इससे हार्ट व ब्रेन के फंक्शन पर असर पड़ता है। कुछ केस में ब्रेन डैमेज या हार्ट अटैक से मौत भी हो सकती है।
बीपी अप-डाउन- अचानक तेज धूप से एसी में जाने पर शरीर का तापमान अप-डाउन हो जाता है। इससे ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ता है व नस फट सकती है। इसे ब्रेन हेमरेज कहते हैं। गर्मी में बीपी स्पाइक करता है।
हार्ट पर लोड बढ़ना- डिहाइड्रेशन से हार्ट की धड़कन तेज हो जाती है। हार्ट को खून पंप करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। हीट स्ट्रेस भी दिल का दौरा बढ़ाता है। इसलिए हार्ट के मरीज पर्याप्त सावधानी बरतें।
गर्मी के सीजन में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे हार्ट की धड़कन तेज हो जाती है। हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। 55 साल से अधिक उम्र वाले लोग सावधानी बरतें। गैरजरूरी तेज धूप में घर से बाहर न जाएं।
भीषण गर्मी में लू के अलावा ब्रेन स्ट्रोक के केस बढ़ जाते हैं। दरअसल शरीर में पानी की कमी होने पर खून गाढ़ा हो जाता है। इससे ब्रेन की नस संकरी हो जाती है और फटने का रिस्क बढ़ जाता है। सिर में अचानक दर्द हो या चक्कर आए तो डॉक्टर को दिखाएं।
-डॉ. लवलेश राठौर, एसो. प्रोफेसर न्यूरो सर्जरी डीकेएस अस्पताल
Published on:
28 May 2026 01:15 pm
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