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अवैध प्लॉट में मकान, 20 हजार से ज्यादा परिवार 10 साल से खरीद रहे महंगी बिजली

Raipur News: नगर निगम क्षेत्र में करीब 150 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं और इनमें लगभग 20 हजार परिवार निवास कर रहे हैं।

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House in illegal plot, buying expensive electricity for 10 years

20 हजार से ज्यादा परिवार 10 साल से खरीद रहे महंगी बिजली

Chhattisgarh News: रायपुर। नगर निगम क्षेत्र में करीब 150 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं और इनमें लगभग 20 हजार परिवार निवास कर रहे हैं। इन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी तो मिलती नहीं, बल्कि आम घरेलू उपभोक्ताओं की तुलना में लगभग दोगुना बिजली का बिल भरना पड़ता है। ऐसे उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए अब तक कनेक्शन की प्रक्रिया आसान नहीं की गई है।

विद्युत वितरण कंपनी ने नगर निगम से घोषित अवैध कॉलोनी और अघोषित अवैध कॉलोनी दोनों में बिजली कनेक्शन स्थायी देने का प्रावधान नहीं है। इसके लिए पहले कॉलोनीवासी अथवा डेव्हलपर को कॉलोनी के लिए जरूरी अधोसंरचना शुल्क भुगतान करना होगा, जिसकी राशि कनेक्शन के हिसाब से तय होगी। जिसे उपभोक्ता अथवा डेव्हलपर को जमा करना होगा। छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री शुरू होने के बाद से चार साल में 300 से ज्यादा अवैध नई कॉलोनियां तैयार हो गई है।

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समझें... इस गणित से कितना पड़ रहा है फर्क

यदि सामान्य रहवासी उपभोक्ता 339 यूनिट बिजली जलाते हैं, तो उनका बिजली बिल 2817 रुपए कुल बिल आता है, जिसमें 977.45 रुपए विभाग से छूट मिलती है, जिसमें कुल 1720 रुपए बिल चुकाना पड़ता है। यदि अस्थाई मीटर में 339 यूनिट खर्च (cg news) करते हैं, तो 5612 रुपए बिल आता है। इसमें हाफ योजना के तहत छूट भी नहीं मिलती।

अस्थायी कनेक्शन, सुविधाओं की कमी

शहर में अभी जिन उपभोक्ताओं को अस्थाई कनेक्शन दिए गए हैं, उसके लिए पर्याप्त संसाधन नहीं जुटाए गए। लंबी सर्विस लाइन कई जगह तो जमीन पर ही गिरी रहती है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका रहती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पाता है। उनका दर्द रहता है कि हम दोगुनी राशि चुका रहे हैं। उसके बाद भी लोड न होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कुछ दिनों में खराब हो जाते हैं।

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उपभोक्ता ने कहा...

हमने 10 साल पहले गोकुल नगर में प्लॉट लेकर मकान बनाया था। तब से नगर निगम को टैक्स पटा रहे हैं। विद्युत विभाग में आवेदन कर चुके हैं, लेकिन (cg hindi news) आज तक स्थाई कनेक्शन नहीं मिला। हमें दोगुना बिल चुकाना पड़ रहा है।

- खुमान साहू , गोकुल नगर

बना बनाया मकान बिल्डर से लिया था। लेते समय यह जानकारी नहीं थी कि अस्थाई मीटर है। अब 12 साल से ज्यादा हो गए हैं दोगुना बिजली बिल दे रहे हैं। स्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है अब तक परिवर्तित नहीं हुआ है।

- इरफान खान, गोकुल नगर

सभी कॉलोनी वाले मिलकर विभाग को विद्युतिकरण करने के लिए आवेदन देते हैं। आवेदन पर तैयार प्रपोजल के खर्च का कॉलोनीवासी 25 प्रतिशत राशि (raipur hindi news) भुगतान करते हैं, तो उनके अस्थाई कनेक्शन को स्थाई करने की प्रक्रिया की जाती है।

- मनोज वर्मा, सर्किल प्रभारी, रायपुर वृत्त-1

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