
विभाग के अधिकारिक सुत्रों ने बताया कि कंट्रोल रूम माओवाद प्रभावित क्षेत्र में 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
रायपुर . माओवादी गतिविधियों से निपटने के लिए खुफिया विभाग(आइबी) ने केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम से छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित सभी जिले के कंट्रोल रूम को जोड़ा जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान वीवीआइपी मुवमेंट को देखते हुए इसका गठन किया गया है।
विभाग के अधिकारिक सुत्रों ने बताया कि कंट्रोल रूम माओवाद प्रभावित क्षेत्र में 24 घंटे नजर रखी जाएगी। वहां की सुचनाओं का अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट तुरंत संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक और नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अफसरों तक पहुंचाएंगे। इस पहल का उद्देश्य माओवादियों के किसी भी तरह की योजनाओं को नाकाम करना और चुनाव के दौरान होने वाली सभा रैली और विशिष्ठ लोगों को सुरक्षित रखना है। बताया जाता है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने आगामी चुनाव के दौरान माओवादियों द्वारा बड़े तादात में विध्वंस मचाने के इनपुट मिले है। इसे देखते हुए केन्द्रीय कंट्रोल रूम का निर्माण करने की सिफारिश एमएचए द्वारा की गई थी। इसे देखते हुए रायपुर के पुलिस मुख्यालय स्थित इंटेलिजेंस ब्यूरो कार्यालय में केन्द्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है।
फोर्स पर हमले और अचानक होने वाले मुठभेड़ के बाद हर बार आइबी की सूचनाओं को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी। विभागीय अफसर सफाई देते हुए थक जाते थे, लेकिन आइबी के इनपुट पर राज्य पुलिस व फोर्स के जवान भी भरोसा नही करते थे। केन्द्रीय केट्रोल रूम के गठन होने के बाद अब सूचानाएं सीधे भेजे जाने से किसी तरह के सामंजस्य को लेकर विवाद नही होगा। साथ ही माओवादियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
बताया जा रहा है कि केन्द्रीख् कंट्रोल रूम से बस्तर, रायपुर और राजनांदगांव पुलिस रेंज के तहत आने वाले 17 जिलों को जोड़ा गया है। सेंट्रल कंट्रोल रूम की सूचनाएं सीधे अफसरों को भेजी जाएगी। इसके बाद फोर्स का संबंधित इलाकों में मुवमेंट कराया जाएगा।
गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि खुफिया विभाग को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसकी सूचनओं को गोपनीय रखने और तुरंत भेजे जाने के लिए कदम उठाए गए हैं।
Published on:
23 May 2018, 11:01 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.