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ICAI CA Result 2025: सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी, छत्तीसगढ़ के 3 स्टूडेंट्स को ऑल इंडिया रैंक, देखें परिणाम

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने मंगलवार को सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित किए। इंटरमीडिएट में राज्य के तीन स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक हासिल किया है।

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ICAI CA Result 2025: सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी, छत्तीसगढ़ के 3 स्टूडेंट्स को ऑल इंडिया रैंक, देखें परिणाम

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने मंगलवार को सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित किए। इंटरमीडिएट में राज्य के तीन स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक हासिल किया है। इसमें शहर के स्वयम साहू को एआईआर 15 और समीर पटेल को एआईआर 17 मिले हैं।

वहीं, राजनांदगांव की राशी दामनानी को एआईआर 39 रैंक मिले। फाउंडेशन में सिद्धि बंसल को 322 नंबर, अदिति अग्रवाल को 316 और भावना गुप्ता को 311 नंबर मिले हैं। सीए फाउंडेशन में 1077 स्टूडेंट्स शामिल हुए, जिसमें 253 स्टूडेंट पास हुए हैं। वहीं, इंटरमीडिएट में बोथ ग्रुप, ग्रुप 1 और ग्रुप 2 में कुल 1141 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे जिसमें 282 स्टूडेंट पास हुए हैं।

ICAI CA Result 2025: रायपुर से 22.90 फीसदी स्टूडेंट्स

सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट में रायपुर के रिजल्ट को नेशनल के डाटा से कम्पेयर किया जाए तो रायपुर का पासिंग परसेंट नेशनल से बेहतर है। सीए फाउंडेशन में नेशनल में 21.52 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए, जबकि रायपुर में पासिंग प्रतिशत 23.49 रहा। वहीं, इंटरमीडिएट में रायपुर में ग्रुप-1 में पासिंग प्रतिशत 10.84 रहा, जो नेशनल के पासिंग प्रतिशत 14.17 से कम रहा। वहीं, ग्रुप 2 में 31.79 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं, जो नेशनल के प्रतिशत 22.16 से ज्यादा है। बोथ ग्रुप में रायपुर से 22.90 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए, जो नेशनल के पासिंग प्रतिशत 14.05 सेे काफी अच्छा है।

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क्या कहते हैं एआईआर होल्डर्स

सभी क्लास अटेंड किए, रिवाइज पर दिया जोर: फाउंडेशन में मैंने 343 रैंक हासिल किए थे। फाउंडेशन पूरा होने के बाद से ही इंटरमीडिएट की तैयारी शुरू कर दी थी। क्लासेस ऑफलाइन ही लिया। मैंने सभी क्लास अटेंड किए। क्लास से आने के बाद 3 से 4 घंटे का समय दिनभर की पढ़ाई को रिवाइज करने में लगाता था। इससे काफी फायदा मिला। एग्जाम से पहले मिले पढ़ाई के समय को अच्छा फायदा लिया।

इस दौरान चार बार कोर्स रिवाइज किया। पहले रिवीजन में पूरा कोर्स पढ़ा। उसके बाद कोर्स को दो हिस्सो में बांट कर रिवाइज किया। इस दौरान मॉक टेस्ट भी दिए जिससे फायदा मिला। रोेजाना 12 घंटे पढ़ाई हो जाती थी। पापा सुदामा साहू और मां सुवासिनी साहू हैं।

सुबह से शाम तक क्लास, रात को सेल्फ स्टडी

मैं और स्वयम दोनों ने साथ में ही पढ़ाई की। फाउंडेशन होने के बाद से ही इंटरमीडिएट की तैयारी शुरू कर दी थी। मैं प्रॉपर शक्ति से हूं। सीए की तैयारी को देखते हुए मैं दीवाली में घर तक नहीं गया था। सुबह से शाम तक क्लास होने के बाद रात को सेल्फ स्टडी करता था। रविवार के दिन पूरे सप्ताह की पढ़ाई को रिवाइज करता था। हम दोनों दोस्त क्लास के बाद लाइब्रेरी जाते थे और वहीं पढ़ाई करते थे।

एग्जाम से पहले की छुट्टी में हर दिन का एक टारगेट सेट करते थे और देखते ही पूरा हुआ है नहीं। मॉकटेस्ट के लिए भी टारगेट सेट होता था। यदि पूरा नहीं होता था तो उसे पूरा ही कवर करते थे। पूरे सिलेबस को पांच पार्ट में डिवाइड कर पढ़ाई की। जिससे फायदा मिला। पापा खेमराज पटेल, मां पद्मा पटेल हैं।

सोशल मीडिया से दूर रही, रोज 12 घंटे पढ़ाई की

सीए की तैयारी के लिए मेरा पूरा टाइम फिक्स था। कब सोना है कब उठना है, सब समय पर करती थी। रोजाना क्लास होने के बाद सेल्फ स्टडी करती थी। इस दौरान सोशल मीडिया से भी मैं दूर रही। एग्जाम के पहले मिले पीएल में रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ती थी। रिवीजन पर फोकस करती थी।

8 से ज्यादा मॉकटेस्ट दिए। मॉकटेस्ट से स्पीड बढ़ी। इस दौरान टेस्ट में कहां कमी है वो पता चलता था। टेस्ट में टाइम सेट करके बनाती थी और उसे खुद से चेक करती थी। गलतियों को एनालाइज करती थी और उसे पूरा करती थी। टीचर्स के गाइडेंस को फॉलो करती थी। जिससे काफी फायदा मिला। राशी प्रॉपर राजनांदगांव से हैं उन्होंने रायपुर से सीए की तैयारी की। पापा रामदेव दम्मानी, मां सुमन दम्मानी हैं।