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आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का करते हैं इस्तेमाल तो जान लें इसके नुक्सान, हो सकतीं हैं कई खतरनाक बीमारियां, WHO ने दी चेतावनी

Chhattisgarh Hindi News : जिले में डाइबिटीज से ग्रसित 16 हजार 500 से अधिक मरीज और हेल्थ कौन्सियस युवा अपने डे टू डे लाइफ में हेल्दी रहने के लिए चीनी खाना कम कर, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का करते हैं इस्तेमाल तो जान लें इसके नुक्सान, हो सकतीं हैं कई खतरनाक बीमारियां, WHO ने जारी की चेतावनी

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का करते हैं इस्तेमाल तो जान लें इसके नुक्सान, हो सकतीं हैं कई खतरनाक बीमारियां, WHO ने जारी की चेतावनी

Chhattisgarh Hindi News : बिलासपुर. जिले में डाइबिटीज से ग्रसित 16 हजार 500 से अधिक मरीज और हेल्थ कौन्सियस युवा अपने डे टू डे लाइफ में हेल्दी रहने के लिए चीनी खाना कम कर, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज शुगर फ्री के टैग के साथ बेचे जा रहे प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।

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आर्टिफिशियल स्वीटनर्स में कैलोरी की मात्रा ना के बराबर होती है और यह प्राकृतिक मिठास यानी चीनी और गुड़ का हेल्दी विकल्प होने का दावा करते हैं। आज इनका इस्तमाल डेजर्ट्स, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, कार्बोनेटेड वॉटर, जैम, केक, योगर्ट, च्युइंग गम जैसे कई खाद्य पदार्थों के साथ ही टूथपेस्ट में भी हो रहा है। लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी की ये आर्टिफिशियल हमारी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।

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वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक शुगर फ्री के नाम पर आर्टिफिशियल शुगर का इस्तमाल कर रहे नौजवान को टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारी और मृत्यु दर का जोखिम बढ़ रहा है। विश्व स्वस्थ संघठन के मुताबिक इस वक्त विश्व में करीब 40 करोड़ डायबिटीज मामलों में से 8 करोड़ तो सिर्फ भारत में ही है। वही अगर बिलासपुर जिले की बात की जाए तो 16 हजार से अधिक मरीजों है और 9 हजार से अधिक संदिग्ध मरीज पाए गए हैं।