1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईआईएम दीक्षांत समारोह : 317 छात्रों को मिली डिग्री, 3 को गोल्ड मेडल

IIM Annual Convocation Ceremony: आईआईएम रायपुर के परिसर में 11वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। तीन सौ से अधिक छात्रों को डिग्री दी गई और 3 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

2 min read
Google source verification
.

रायपुर. आईआईएम रायपुर (IIM-Raipur) के भव्य परिसर में 11वां वार्षिक दीक्षांत समारोह (Annual Convocation Ceremony) का आयोजन किया गया। समारोह का आयोजन मंगलवार 14 जून को हुआ जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी प्रोग्राम के 317 विद्यार्थियों को डिग्री मिली। इसमें 3 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया। आयोजन में छात्र ब्लैक सूट और टाई में और छात्राएं साड़ी में नजर आ रही थीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किर्लोस्कर सिस्टम्स के चेयरमैन और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन विक्रम किर्लोस्कर थे। किर्लोस्कर ने अपने हाथों से सभी छात्रों को डिग्री प्रदान की। इसके अलावा श्यामला गोपीनाथ, बीओजी, अध्यक्ष, आईआईएम रायपुर और प्रोफेसर राम कुमार कांकाणी, निदेशक आईआईएम रायपुर भी मौके पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना और कर्मा नाचा का भी सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला।

317 छात्रों को मिली डिग्री 3 छात्रों को गोल्ड मेडल
समारोह में पोस्ट ग्रैजुएट प्रोग्राम के 240 छात्रों और MWP (मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर वर्किंग प्रोफेशनल) के पोस्ट ग्रैजुएट प्रोग्राम के 64 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इसके अलावा 4 साल के फुल टाइम पीएचडी कोर्स ऑफ फैलोशिप इन मैनेजमेंट के 8 छात्रों और E-FPM के 5 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इसके अलावा समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत प्रदर्शन के लिए 3 छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें से पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम चेयर पर्सन का गोल्ड मेडल अनिरुद्ध परमार को दिया गया और डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल प्रशांत सिंह को दिया गया। वहीं मयंक तिवारी को BoG चेयर पर्सन और बेस्ट ओवरऑल परफारमेंस के क्षेत्र में 2 गोल्ड मेडल प्राप्त हुए।

“हार्डवर्क का कोई अल्टरनेटिव नहीं” – टू टाइम गोल्ड मेडलिस्ट मयंक तिवारी
समारोह में एक साथ दो गोल्ड मेडल जीतकर मयंक तिवारी ने एक नया इतिहास रचा है। वे कहते हैं कि इस जीत से वे खुद आश्चर्य चकित हैं। उन्होंने अपनी परीक्षा के लिए मेहनत तो काफ़ी की थी पर एक साथ दो गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद उन्हें भी नहीं थी। वह अन्य छात्रों को यह संदेश देना चाहते हैं कि हार्डवर्क का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। अपनी पढ़ाई की तैयारी करते समय मयंक के ऊपर अपनी जॉब की जिम्मेदारियां भी थी लेकिन उनकी कड़ी मेहनत ने ही उनके लिए सब कुछ संभव बना दिया है। हालांकि उनका यह भी मानना है पढ़ाई से ब्रेक लेना और अन्य दूसरी चीजों पर भी काम करते रहना हमें जिंदगी में और भी ज़्यादा सफल बनाता है।

करियर में कई मोड़ आते हैं उससे निराश ना हों – मुख्य अतिथि विक्रम एस. किर्लोस्कर
विक्रम एस किर्लोस्कर (किर्लोस्कर सिस्टम्स के चेयरमैन और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन) दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि (Chief Guest) रहे। दर्शकों को संबोधित करते हुए किर्लोस्कर ने कहा कि करियर में कई मोड़ आते हैं पर हमें सकारात्मक सोच बनाई रखनी चाहिए। उन्होंने बताया अपने करियर के सफर की शुरुआत उन्होंने अमेरिका में रेस्टोरेंट्स और होटल में खाना सर्व करने और अन्य ऐसे छोटे-मोटे कामों से की थी, पर उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज वे एक सम्मानित पोजीशन पर सबके सामने उपस्थित हैं।

दो वर्षों तक समारोह के आयोजन में कोरोना महामारी बनी बाधा
बता दें, वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते आईआईएम रायपुर को अपना 9वां वार्षिक दीक्षांत समारोह स्थगित करना पड़ा था। इस वजह से 2021 में आयोजित 10वे दीक्षांत समारोह में पुराने बैच के लगभग 200 छात्रों को नए पासिंग बैच के साथ डिग्री प्रदान की गई थी। हालांकि, पिछले वर्ष भी दीक्षांत समारोह व्यक्तिगत रूप से आयोजित नहीं किया गया था और बच्चों ने समारोह को ऑनलाइन अटैंड किया था। दो साल के इंतजार के बाद आईआईएम रायपुर के छात्र 11वें दीक्षांत समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सके हैं।