
गाँव पहुँच कर लोगों को बैंकिंग सुविधाएं देती बैंक सखी ।
रायपुर. पेंशन और मजदूरी भुगतान के लिए ग्रामीणों को अब बैंक के चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। बैंक सखी के माध्यम से उन्हें गांव में ही इसकी सुविधा मिल रही हैं। बैंक सखी बुजुर्ग, विकलांग और अक्षम लोगों के घर पहुंच कर उन्हें पेंशन की राशि दे रही हैं।
गांव-गांव तक बैंकिग सुविधा पहुंचाने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूह की महिलाओं को बैंक सखी नियुक्त किया गया है। पहले इनकी संख्या 90 थी, लेकिन अब 172 महिलाएं बैंक सखी के रूप में गांवों में सेवाएं दे रही हैं। करीब 200 अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिले के तकरीबन 435 गांव में से 172 में बैंक सखियां सेवाएं दे रही हैं। जल्द ही अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस सुविधा को बढ़ाया जाएगा।
बैंक सखियों को मिल रहा है कमीशन
bank sakhi : बैंक सखी एंड्राइड मोबाइल, सिम कार्ड और बायोमीट्रिक डिवाइस के साथ गांव-गांव जाकर मोबाइल बैंकिंग यूनिट के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इसके एवज में उनके द्वारा लोगों को किए गए भुगतान के अनुसार कमीशन मिल रहा है। आधा प्रतिशत उन्हें कमीशन मिलता है। एक वित्तीय लेन-देन पर कमीशन की अधिकतम सीमा 15 रुपए निर्धारित की गई है।
क्या कहते हैं कलेक्टर
बैंक सखियों के माध्यम से जिले भर के ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग गतिविधियां करवाई जा रही है, जिससे बैंक सखी महिलाओं और हितग्राहियों को भी लाभ हो रहा है। लगातार योजना का विस्तार किया जा रहा है।
- डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर, रायपुर
Published on:
24 Jan 2023 03:05 pm
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