
यहां पढ़ें तिरंगे के बनने से लेकर उसके राष्ट्रीय ध्वज घोषित होने तक की रोचक कहानी
रायपुर. हमारे देश के राष्ट्रीय ध्यज तिरंगे (Tiranga flag) के बारे में तो हर कोई जानता है। तिरंगा (National flag) हमारे देश के आजाद (15 August) होने और स्वाधीनता का प्रतीक है। इसलिए हर साल 15 अगस्त (Independence day) और 26 जनवरी के दिन हमारे देश का झंडा शान से लहराया जाता है। तिरंगे झंडे के बारे में तो सभी जानते हैं, आज हम आपको तिरंगे झंडे से जुड़ी कुछ ऐसी रोचक बातें बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आप शायद ही जानते हों।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को पिंगली वेंक्कया द्वारा बनाया गया था। देश के आजाद होने के कुछ समय पहले 22 जुलाई 1947 को आजाद भारत के संविधान को लेकर एक सभा का आयोजन किया गया, जहां पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सबके सामने प्रस्तुत किया गया। 1950 में संविधान लागू होने के बाद तिरंगे को भारत के अधिराज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
जब 1947 में देश आजाद हुआ तब देश के पहले प्रधानमंत्री डा राजेन्द्र प्रसाद ने एक बैठक बुलाई। जहां पर सबने कांग्रेस के ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज लेने की बात मानी। 1931 में ध्वज में बदलाव किए गए जिसमें चरखे की जगह अशोक चक्र को लिया गया और देश का राष्ट्रीय ध्वज बना।
5. छत्तीसगढ़ में 11 अगस्त को 15 किलोमीटर लंबा तिरंगा बनाकर वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया गया है।
Independence day की खबर यहां बस एक क्लिक में
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Published on:
12 Aug 2019 03:46 pm
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