
Indian Akshay Urja Day 2024: दिनेश कुमार. छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में पारंपरिक कोयला आदि से बिजली उत्पादन की निर्भरता कम करने के लिए छत्तीसगढ़ में अन्य विकल्प तलाशे जा रहे हैं, जिसमें अक्षय ऊर्जा से बिजली उत्पादन प्रमुख विकल्प बनता जा रहा है। अक्षय ऊर्जा के तहत सोलर ऊर्जा से छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ पावर कंपनी ने अलग से सोलर एनर्जी शाखा भी बनाया हुआ है।
वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 900 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन सौर ऊर्जा से किया जा रहा है। इसमें आम उपभोक्ता भी अहम योगदान दे रहे हैं। बता दे कि आम उपभोक्ताओं के छत पर सोलर प्लांट लगाकर 90 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। वहीं, औद्योगिक प्लांटों में ओपन एक्सेस पर 700 मेगावाट का प्लांट पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहे हैं।
किसानों को सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली प्रदान करने के लिए पीएम कुसुम ए योजना शुरू की गई है। इसके तहत 2 मेगावाट का बिजली वर्तमान में उत्पादन किया जा रहा है। इस योजना के तहत मार्च 2025 तक 15 मेगावाट तक उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राजनांदगांव में सौर ऊर्जा और बैट्री संचालित (बीईएसएस) देश का सबसे बड़ा प्लांट संचालित हो रहा है। यहां 100 मेगावाट का उत्पादन क्षमता है। इसमें वर्तमान में 40 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इस योजना से उन उपभोक्ताओं को रात में बिजली पहुंचाई जा रही है, जहां सोलर ऊर्जा से केवल दिन में बिजली मिल रही है। बैट्री संचालित प्लांट से रात में 3 घंटे तक बिजली दी जा रही है।
Updated on:
20 Aug 2024 04:19 pm
Published on:
20 Aug 2024 04:15 pm
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