
Ukraine Russia Conflict: 26 हजार का टिकट एक लाख में लेकर भारत आने को मजबूर हुए यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट
रायपुर. Ukraine Russia Conflict: यूक्रेन और रूस के बीच तनाव की वजह से भारत में परिजनों की चिंता बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे बने हालात में भारतीय छात्रों के स्वदेश लौटने का सिलसिला शुरू होने वाला है। छत्तीसगढ़ के लगभग 60 छात्र यूक्रेन और रूस के तनाव के बाद घर लौटने की तैयारी में जुटे हैं।
यूक्रेन की राजधानी कीव में भारतीय दूतावास की ओर से वहां रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया है कि कॉमर्शियल फ्लाइट और चार्टर फ्लाइट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। युद्ध की स्थिति को अवसर के रूप में बदलते हुए टिकट की कीमत 26 हजार से सवा लाख तक पहुंच गई है। इससे छात्र और पालक दोनों परेशान हैं। पालकों ने सरकार से अपील की है, कि उनके बच्चों को स्वदेश में लाने में मदद करें। कम शुल्क पर टिकट उपलब्ध कराया जाए, ताकि वापस लौटने में छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
एंबेसी ने जारी कर दिया छोड़ने का लेटर
यूक्रेन में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्रों से पत्रिका टीम ने टेलीफोनिक चर्चा की। अंबिकापुर के रहने वाले शिवम सिंह विनिशिया सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे है। शिवम ने बताया कि एंबेसी ने भारत लौटने का निर्देश मंगलवार को जारी कर दिया है लेकिन भारत लौटना किस तरह से इस संबंध में किसी भी तरह का निर्देश नहीं है। जो टिकट तीन माह पूर्व 26 हजार का मिलता था, उस टिकट को अब लेने में एक लाख और सवा लाख से ज्यादा देना पड़ रहा है।
ऑनलाइन चल रही क्लास
शिवम के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे शुभम गुप्ता ने कहा, कि वर्तमान में ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी गई है। यूनिवर्सिटी कैंपस में किसी तरह का डर नहीं, लेकिन हालात को देखते हुए खुद बाहर नहीं निकल रहे हैं। पालकों को परेशानी हो रही है, तो उनसे दिन में तीन से चार बार बात हो रही है। पैसा खर्च करने के बाद भी भारत के लिए सीधे फ्लाइट नहीं मिल रही है, इसिलिए मल्टी फ्लाइट के माध्यमों से भारत पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
खार्की सिटी को कर दिया खाली
छात्रों के अनुसार यूक्रेन की खार्की सिटी को खाली करवाया जा रहा है। यह इलाका रूस के बॉर्डर से लगा है, इसलिए यहां पर सख्ती ज्यादा है। यूनीवर्सिटी को बंद कर दिया गया है। जितने भी छत्तीसगढ़ और भारत के लोग है, सब एक दूसरे से संपर्क कर रहे है और आवश्यकता होने पर विदेश में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं।
20 पालकों ने किया संपर्क
यूक्रेन में छत्तीसगढ़ के छात्र फसे होने की सूचना मिलने के बाद सीएम भूपेश बघेल एक्शन मोड में आ गए हैं। यूक्रेन लोगों की सहायता के लिए समन्वयक गणेश मिश्र को बनाया गया है। समन्वयक ने पत्रिका से चर्चा के दौरान कहा, कि छत्तीसगढ़ से अब तक 20 पालकों ने संपर्क किया है। छात्रों की जानकारी भारतीय दूतावास को भेजी जाएगी, और उनकी मदद विदेश में हो सके, इसका प्रयास किया जाएगा।
यूक्रेन मामला नोडल अधिकारी गणेश मिश्र ने कहा, यूक्रेन में रह रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक छत्तीसगढ़ के 20 पालकों ने संपर्क करके यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले अपने बच्चों की जानकारी दी है। छात्रों की मदद के प्रयास किए जा रहा हैं।
Published on:
23 Feb 2022 02:37 pm
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