
बस्ती हटाने की नोटिस पर दोबारा विचार करने, कारी तालाब वासियों का धरना प्रदर्शन, देखें वीडियो
रायपुर. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राजधानी रायपुर में कारी तालाब के प्रस्तावित सौंदर्यीकरण में सरकारी विभाग मनमानी पर उतर आया है। राजधानी के कारी तालाब के पास से करीब 200 परिवारों को हटाया गया है।
परिवारों को हटाने के अभियान के तहत कल सोमवार को प्रशासन बड़ी सुरक्षा बल के साथ कारी तालाब के पास स्थित बस्ती को हटाने पहुंचा। जहां प्रशासन ने बेरहमी से कई घर तोड़ डाले। सरकारी कार्रवाई के खिलाफ आसपास की बस्तीयों में काफी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते आज मंगलवार से राजधानी रायपुर के कारी तालाब के पास स्थित बस्ती के लोगों ने तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
खबर के अनुसार आज दोपहर 12 बजे से रायपुर के आमापारा स्थित एक भवन के पास बस्ती के लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन के खिलाफ चल रहे इस धरना प्रदर्शन में आसपास के बस्ती के लोग भी पीडि़तो का साथ दे रहे हैं।
पिछले कुछ सप्ताहों से कारी तालाब के पास बसे करीब 200 परिवारों को नगर सौंदर्यीकरण के नाम पर उजाडऩे का अभियान शुरू हुआ था। पहले चरण में 90 परिवारों को उजाड़ दिया गया। दुसरे चरण में 60 परिवारों को हट जाने को कहा गया था। जिसमें से अधिकांश लोगों ने वह जमींन खरीदी है, उनके पास जमींन के पंजीयन के दस्तावेज मौजूद है।
बस्ती में रहने वाले लोगों से पता चला कि उनके घर को प्रशासन ने बेरहमी से तोड़ डाला,जबकि उनके पास जमींन का पट्टा भी है। इसके अलावा कुछ लोगों को अभी घर खाली करने का नोटिस दिया गया है।
बारिश के आते ही प्रसाशन की ये मनमानी लोगों के लिए सजा ही है। एेन बरसात के मौके पर लोगों का घर तोडऩा संवेदनहीनता ही है।
Published on:
03 Jul 2018 02:38 pm
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