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Mahtari Vandan Yojana: ई-केवाईसी में बढ़ी बुजुर्गों की परेशानी, फिंगरप्रिंट मशीन दे रही धोखा

Mahtari Vandan Yojana: इन दिनों ई-केवायसी के लिए च्वाॅइस सेंटरों में महिलाओं की भीड़ लग रही है। वहीं, कई गांवों में तो सर्वर ठप होने के कारण ई-केवायसी के लिए दूसरे गांव में महिलाओं को जाना पड़ रहा है।

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Mahtari Vandan Yojana: ई-केवाईसी में बढ़ी बुजुर्गों की परेशानी, फिंगरप्रिंट मशीन दे रही धोखा

Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन योजना के लाभार्थी हितग्राहियों को ई-केवायसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लोगों का ई-केवायसी नहीं हुआ है, उन लोगों को महतारी वंदन योजना की राशि भी नहीं मिल रही है। ऐसे में जिन महिलाओं ने ई-केवायसी नहीं कराया है, वे अब ई-केवायसी के लिए च्वाॅइस सेंटरों के चक्कर लगा रही है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग महिलाओं को हो रही है।

क्योंकि आंखों की पुतली स्केन करने के बाद जब फ्रिंगर प्रिंट लिया जाता है तो उंगलियों के निशान मिट जाने के कारण मशीन में फिंगर प्रिंट ही नहीं ले पा रही है। 15-20 मिनट तक प्रयास करने के बावजूद फिंगर प्रिंट शो नहीं होने के बाद अगले दिन आने को कहकर वापस भेज दिया जा रहा है। बता दें कि साय सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेशभर की करीब 69 लाख महिलाओं को हर माह एक-एक हजार दिया जा रहा है।

कहीं सर्वर ठप तो कहीं नेटवर्क ही नहीं

शहर से लेकर गांव तक इन दिनों ई-केवायसी के लिए च्वाॅइस सेंटरों में महिलाओं की भीड़ लग रही है। वहीं, कई गांवों में तो सर्वर ठप होने के कारण ई-केवायसी के लिए दूसरे गांव में महिलाओं को जाना पड़ रहा है। वहीं, कुछ जगहों पर नेटवर्क नहीं होने के कारण ई-केवायसी नहीं हो रहा है।

पिछले माह 45 हजार महिलाओं को नहीं मिली राशि

बताया जाता है कि ई-केवायसी अपडेट नहीं होने के कारण पिछले माह करीब 45 हजार महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि जारी नहीं की गई थी। इसके पहले भी करीब दो लाख महिलाओं को राशि जारी नहीं हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे ई-केवायसी अपडेट महिलाएं कराने लगी तो महतारी वंदन योजना की राशि उनके खाते में आने लगी है।

नए हितग्राहियों के लिए अब तक नहीं खुला पोर्टल

बता दें कि जब से महतारी वंदन योजना शुरू हुई, उसके बाद से दोबारा नए हितग्राहियों के पंजीयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोर्टल शुरू नहीं किया है। जबकि याेजना के लांच के दौरान साय सरकार के पांच मंत्रियों ने कहा था योजना सतत चलने वाली प्रक्रिया है, नाम जोड़ने और काटने का काम लगातार चलता रहेगा। अपात्र हितग्राहियों के नाम तो काटे जा रहे हैं, लेकिन नए पात्र हितग्राहियों के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। इस कारण पात्र नए हितग्राहियों में खासी नाराजगी है।