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छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव! अब रिचार्ज पर जलेगी बिजली, तीन महीने का एडवांस अनिवार्य…

CG Electricity News: सरकार ने बिजली कंपनी के प्रीपेड मॉडल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होगा।

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छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव! अब रिचार्ज पर जलेगी बिजली, तीन महीने का एडवांस अनिवार्य...(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव! अब रिचार्ज पर जलेगी बिजली, तीन महीने का एडवांस अनिवार्य...(photo-patrika)

CG Electricity News: छत्तीसगढ़ के रायपुर राज्य में बिजली के उपयोग और बिल भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने बिजली कंपनी के प्रीपेड मॉडल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होगा। यानी रिचार्ज खत्म होते ही बिजली सप्लाई स्वतः बंद हो जाएगी। नई व्यवस्था की शुरुआत सरकारी विभागों से की जा रही है।

CG Electricity News: पहले चरण में सरकारी विभाग शामिल

बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, ब्लॉक स्तर तक के सभी सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड मोड में बदला जा रहा है। इसका मुख्य कारण विभागों पर बढ़ता बकाया है, जो कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। राज्य में 1.72 लाख सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।

अब तक करीब 1.5 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 22 हजार मीटर पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तेजी से लगाए जा रहे हैं। 1 अप्रैल से इन सभी कनेक्शनों पर प्रीपेड व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

बढ़ता बकाया बना बड़ा कारण

सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बिल का बकाया इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है। अगस्त 2024 में यह बकाया 1,988 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 2,444.91 करोड़ रुपये हो गया। वर्तमान में यह आंकड़ा 3,000 करोड़ के पार पहुंच चुका है और मार्च अंत तक 3,500 करोड़ रुपये तक जाने की संभावना है। सबसे ज्यादा बकाया नगरीय निकायों पर करीब 2,000 करोड़ और विकास विभाग पर लगभग 600 करोड़ रुपये है।

तीन महीने का एडवांस रिचार्ज अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों को अपने औसत मासिक बिल के आधार पर तीन महीने का अग्रिम रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज समाप्त होने से पहले अगली अवधि का भुगतान करना जरूरी होगा, अन्यथा बिजली सप्लाई स्वतः बंद हो जाएगी। पुराने बकाया के निपटारे के लिए सरकार ने बजट से किस्तों में भुगतान की व्यवस्था की है, जिसके तहत 600 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।

आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगी योजना

बिजली कंपनी की योजना इस प्रीपेड सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से आम उपभोक्ताओं तक लागू करने की है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिल वसूली में पारदर्शिता आएगी और बकाया की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।