
Medical College: पीलूराम साहू/नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों महासमुंद, कांकेर, राजनांदगांव व अंबिकापुर को नोटिस दिया है। नोटिस में फैकल्टी की कमी दूर कर पत्र का जवाब एक सप्ताह में देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर एक करोड़ रुपए तक जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है। कुछ मेडिकल कॉलेजों ने जवाब भी भेज दिया है। इसमें फैकल्टी का प्रमोशन होने पर कमी दूर होने की बात कही गई है।
प्रदेश में 1802 फैकल्टी में 1020 यानी 48.5 फीसदी पद खाली है। इसमें सबसे ज्यादा सीनियर रेसीडेंट के 72 फीसदी से ज्यादा पदों को भरा जाना है। सीनियर रेसीडेंट के 518 में केवल 143 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं और 375 पद यानी 72.3% खाली है। मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए नीट यूजी 4 मई को चुकी है। 4 जून तक रिजल्ट भी आने की संभावना है। इसे देखते हुए एनएमसी ने नए सत्र की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी है। इसलिए एनएमसी मापदंड के अनुसार फैकल्टी की कमी दूर करने को कह रहा है ताकि अगस्त में नए सत्र शुरू होने पर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। महासमुंद, कांकेर, राजनांदगांव व अंबिकापुर कॉलेजों के अलावा बाकी कॉलेजों में भी फैकल्टी की कमी है। जानकारों के अनुसार जिन कॉलेजों को नोटिस नहीं मिला है, उन कॉलेजों को एनएमसी का जल्द नोटिस मिल सकता है।
एनएमसी ने नोटिस में कहा है कि पिछले साल 1 नवंबर को सर्कुलर जारी कर सभी मेडिकल कॉलेजों को वार्षिक घोषणा के तहत एनएमसी पोर्टल पर फैकल्टी की जानकारी भरने को कहा गया था। यह एनएमसी अधिनियम 2019 और एनएमसी द्वारा समय-समय पर जारी किए गए विभिन्न नियमों में आवश्यक है।
इसी साल 25 अप्रैल को आदेश जारी कर माइनर ओटी, मेजर ओटी की संख्या और शवों के विवरण से संबंधित अतिरिक्त जानकारी भरने को कहा गया था। परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग, वार्षिक घोषणा पत्र, पिछले एक साल में फैकल्टी का अटेंडेंस व एईबीएएस रिपोर्ट का मूल्यांकन कर कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है।
महासमुंद मेडिकल कॉलेज में 20 में 19 विभागों में फैकल्टी की कमी है। नोटिस के अनुसार डेंटल विभाग को छोड़कर एनाटॉमी, एनीस्थीसियोलॉजी, बायो केमेस्ट्री, कम्युनिटी मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सीकोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, माइक्रो बायोलॉजी, ऑब्स एंड गायनी, ऑप्थेलमोलॉजी, ऑर्थोपीडिक्स, ईएनटी, पीडियाट्रिक, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, साइकेट्री व रेडियो डायग्नोसिस विभाग। बाकी तीन कॉलेजों में भी कमोबेश यही स्थिति है।
पद स्वीकृत कार्यरत खाली कमी
प्रोफेसर 241 124 117 48.5%
एसो. प्रोफेसर 399 203 196 49.1%
असि. प्रोफेसर 644 312 332 51.6%
सीनियर रेसीडेंट 518 143 375 72.3%
कुल 1802 782 1020 48.5%
डॉ. यू.एस. पैकरा, प्रभारी कमिश्नर व डीएमई: जिन मेडिकल कॉलेजों में भी फैकल्टी की कमी है, उसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हर माह वॉक इन इंटरव्यू भी हो रहा है ताकि खाली पदों को भरा जा सके।
Updated on:
11 May 2025 07:50 am
Published on:
11 May 2025 07:49 am
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