
छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर से अनिवार्य होगा पुराने और नए MRP रेट का उल्लेख, GST टीम करेगी कार्रवाई..(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ में अब दुकानों पर बिकने वाले सामान पर पुराने और नए एमआरपी रेट को अनिवार्य रूप से लिखना होगा। इस नियम का पालन न करने पर जीएसटी टीम कार्रवाई कर सकती है। यह नया स्लैब 22 सितंबर से लागू किया जाएगा, जो जीएसटी काउंसिल की हालिया बैठक में तय हुआ।
इस बदलाव को लेकर छत्तीसगढ़ साबुन एवं डिटर्जेंट निर्माता कल्याण संघ ने रायपुर के एक निजी होटल में विशेष बैठक आयोजित की। बैठक में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के वाइस चेयरमैन और जीएसटी विशेषज्ञ चेतन तारवानी ने नए स्लैब और एमआरपी नियमों की जानकारी दी।
तारवानी ने बताया कि जीएसटी दरों में बदलाव के बाद सभी उत्पादों पर पुराने एमआरपी के साथ नया एमआरपी अंकित करना अनिवार्य होगा। दुकानदार और डीलर पुराने स्टॉक को लौटा कर नए एमआरपी वाले सामान का ही विक्रय कर सकेंगे। यदि ग्राहक शिकायत करता है, तो नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में कारोबारियों और साबुन निर्माता कंपनियों के संचालकों को यह भी जानकारी दी गई कि तेल से निर्मित साबुन पर जीएसटी की दर को 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को नए स्लैब का लाभ मिलेगा और कारोबारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी।
बैठक में हेमराज कृपलानी, भीमन दास तारवानी, संजय मखीजा, कैलाश राठौर, विनोद तोशनीवाल, उत्तम चंद तारवानी, प्रदीप कुकरेजा और पवन दुग्गड़ समेत कई साबुन निर्माता कंपनियों के संचालक मौजूद थे।
Updated on:
15 Sept 2025 12:17 pm
Published on:
15 Sept 2025 12:17 pm
