
अनुपम राजीव राजवैद्य@रायपुर. छत्तीसगढ़ में दिवाली पर अगर आपको पटाखे फोडऩे में कोई दिक्कत है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश ने छत्तीसगढ़वासियों को पटाखे फोडऩे के लिए अपने राज्य में आमंत्रित किया है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदूषण मुक्त दिवाली के लिए जनजागरण का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लेने पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को ट्वीट किया कि 'छत्तीसगढ़ के सभी मित्रों का मध्यप्रदेश में दिवाली मनाने के लिए स्वागत है। उन्होंने दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने को लेकर भी ट्वीट किया कि 'मध्यप्रदेश में लोगों को दिवाली पर पटाखे जलाने की पूरी आजादी है। उमंग के साथ दीवाली मनाइए, दिल्ली के मित्रों को भी आमंत्रित कीजिए।'
छत्तीसगढ़ में सरकार चलाएगी विशेष अभियान
छत्तीसगढ़ सरकार ने लोगों से पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम में सहयोग की अपील की है। राज्य सरकार ने प्रदूषण मुक्त दिवाली के लिए जनजागरण का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के तुरंत बाद समस्त संभागीय कमिश्नरों, जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र जारी किया गया है। इसमें उन्हें दीपावली को ध्यान में रखकर अधिक आवाज वाले पटाखों पर अंकुश लगाने और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
रात में 10 बजे के बाद पटाखे नहीं फोडऩे के निर्देश
सर्कुलर में कहा गया है कि दीपावली के अवसर पर बड़ी मात्रा में आतिशबाजियां की जाती है। पटाखे फोड़े जाते हैं। जिनसे हवा और ध्वनि प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। इसे ध्यान में रखकर संबंधित सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण की समस्या के निराकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन हो। परिपत्र में कहा गया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे न फोड़े जाएं।
अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पटाखे न फोड़े जाएं
अतिसंवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्था, अदालत, धार्मिक संस्था आदि के कम से कम 100 मीटर की दूरी तक पटाखे न फोड़े जाएं। बैठक में चार मीटर की दूरी तक 125 डीबी (ए.आई.) या 145 डी.बी. (सी) से अधिक शोर करने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के भी निर्देश दिए। सर्कुलर में अधिकारियों से कहा गया है कि वे विद्यार्थियों को ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के बारे में जानकारी दें। साथ ही पटाखों के दुष्प्रभावों के बारे में भी उनको बताया जाए और जनजागरण अभियान में स्कूली बच्चों को भी शामिल किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार के पर्यावरण विभाग और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
Published on:
10 Oct 2017 08:24 pm
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