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भतीजा पहुंचा पुलिस स्टेशन और बोला- मेरे चाचा की एक्सीडेंट में हो गई मौत, जब पुलिस ने देखी लाश तो…

रिश्तेदारी में अब छोटी से छोटी बात भी बड़ा रूप ले लेती है। ऐसा ही एक खौफनाक वारदात छत्तीसगढ़ में हुई है।
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भतीजा पहुंचा पुलिस स्टेशन और बोला- मेरे चाचा की एक्सीडेंट में हो गई मौत, जब पुलिस ने देखी लाश तो...

बिलासपुर. रिश्तेदारी में अब छोटी से छोटी बात भी बड़ा रूप ले लेती है। ऐसा ही एक खौफनाक वारदात छत्तीसगढ़ में हुई है। जहां पुरानी रंजिश के कारण भतीजे ने चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी। इस हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए खुद ही पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो उसे मामला दुर्घटना का नहीं लगा। जिसके बाद पुलिस ने...

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बलीराम किराना व्यापारी था। गांव में वह भाई धनीराम के साथ किराना दुकान चलाता था। पिछले कुछ महीनों से वह कोटा में मकान बनवाकर रहने लगा। एक शाम बलीराम रोज की तरह रात 8 बजे दुकान बंद करके अपनी स्कूटी से घर लौट रहा था। साढ़े 8 बजे कलार तराई रेलवे क्रॉसिंग के पास पिकअप में सवार विनोद साहू ने टक्कर मार दी।

बलीराम स्कूटी से गिरकर घायल हो गया। विनोद ने रात करीब 9 बजे थाने में पहुंचकर बताया कि कलार तराई रेलवे क्रॉसिंग के पास उसकी पिकअप से बलीराम की स्कूटी की टक्कर हो गई। बलीराम की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां सड़क किनारे स्कूटी पड़ी थी। मृतक बलीराम की लाश भी वही पड़ी थी।

मौके पर पड़े बलीराम के शव को देखकर पुलिस को संदेह हुआ। मृतक के चेहरे व सिर पर गहरे चोट के निशान थे। पास ही एक बड़ा पत्थर पड़ा था, जिसमें खून लगा था। जबकि मृतक की स्कूटी में टक्कर के कोई निशान नहीं थे। मृतक की सिर कुचलकर हत्या करने की आशंका पर पुलिस ने विनोद से पूछताछ की। पहले तो वह दुर्घटना में चाचा की मौत होने का राग अपालता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

आरोपी विनोद ने पुलिस को बताया कि 4 महीने पूर्व उसकी किराना दुकान में आगजनी की घटना हुई। दुकान का पूरा सामान जलकर खाक हो गया था। चाचा से उसकी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा चल रही थी। इसे लेकर पिछले कुछ वर्षों से विवाद चल रहा था। विनोद को आशंका थी कि बलीराम ने ही उसकी दुकान में आग लगवाई थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मौका पाकर उसकी हत्या कर दी। खुद को बचाने के लिए उसने हत्या को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।