
CG News: प्रदेश में न केवल खांसी की सिरप, बल्कि जीवनरक्षक खून पतला करने वाला हिपेरिन इंजेक्शन घटिया निकला है। यही नहीं खून सामान्य या गाढ़ा करने वाला प्रोटामिन सल्फेट भी मानकों पर खरा नहीं उतरा। न केवल इंजेक्शन, वरन जंग लगे सर्जिकल ब्लेड की सप्लाई आंबेडकर समेत दूसरे अस्पतालों में की गई थी। इंजेक्शन, खांसी की सिरप व जंग लगे सर्जिकल ब्लेड स्टॉक से वापस मंगवाया गया। कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) से सप्लाई सिरप, टैबलेट, सर्जिकल ब्लेड, किट, आईवी फ्लूड लगातार घटिया निकले हैं। ये एक या दो नहीं, इसकी लंबी फेहरिस्त है।
विशेषज्ञों के अनुसार दवा व दूसरी चीजें मानकों पर खरा नहीं उतरना, एक तरह से मरीजों की जान के साथ खेलने के समान है। जुलाई में आंबेडकर, डीकेएस, जिला समेत दूसरे अस्पतालों में जंग लगे सर्जिकल ब्लेड भेजे गए थे। शिकायत के बाद इसका उपयोग बैन किया गया। इसके पहले तो दवा कॉर्पोरेशन जंग लगे ब्लेड सप्लाई से इनकार करता रहा। जबकि कॉर्पोरेशन के ड्रग वेयर हाउस के स्टोर ऑफिसर के आर्डर में ब्लेड में जंग लगने की शिकायत व मरीजों को संक्रमण का उल्लेख किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार जंग लगे ब्लेड से ऑपरेशन करने पर मरीजों की जान जा सकती है। ब्लेड माहिम मुंबई स्थित गोल्डविन मेडिकेयर लिमिटेड में बना है।
हाईकोर्ट ने जुलाई में घटिया हिपेरिन इंजेक्शन की सप्लाई पर वड़ोदरा स्थित डिवाइन लेबोरेटरी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। कंपनी ने इंजेक्शन को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्टेड करने पर हाईकोर्ट में सीजीएमएससी के आदेश को चुनौती दी थी। कंपनी की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने यह जुर्माना लगाया था। पत्रिका ने यह मामला लगातार उठाया था।
दरअसल हिपेरिन इंजेक्शन खून को पतला करने के लिए लगाया जाता है। ओपन हार्ट सर्जरी व एंजियोप्लास्टी के दौरान इस इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है। कंपनी ने इतना घटिया इंजेक्शन बनाया कि खून पतला ही नहीं हो रहा था। इससे हार्ट के मरीजों पर रिस्क बढ़ गया था। कार्डियोलॉजी व कार्डियक सर्जरी विभाग ने प्रबंधन को पत्र लिखकर इंजेक्शन को घटिया बताते हुए इसे मरीजों के लिए खतरनाक भी बताया था।
खून पतला करने वाला हिपेरिन इंजेक्शन की क्वालिटी घटिया। डिवाइन लेबोरेटरी वड़ोदरा ब्लैकलिस्टेड। हाईकोर्ट ने 25 हजार का जुर्माना लगाया।
खून सामान्य या गाढ़ा करने वाला प्रोटामिन इंजेक्शन की शिकायत। वाइटल कंपनी नासिक को नोटिस। इंजेक्शन का सैंपल जांच के लिए भेजा लैब।
मिर्गी व ब्रेन के झटके को रोकने वाला फेनोटोइन इंजेक्शन भी निकला है घटिया। सिस्टोकेम लेबोरेटरी दिल्ली को नोटिस देकर स्टॉक वापस व उपयोग बैन।
ग्लूकोज स्लाइन चढ़ाने वाली इंट्रावीनस ड्रिप का स्टॉक वापस मंगाकर कार्टेल हैल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर को नोटिस जारी किया गया है।
प्रेग्नेंसी डायग्नोस्टिक किट निम्न स्तर का निकलने के बाद स्टॉक वापस मंगाकर उपयोग बैन किया गया। रिकोंबिजन लेबोरेटरी प्राइ. लिमि. दिल्ली को नोटिस दिया।
प्रेमाडॉल 50 मिग्रा, लिनिन जोनाड्रिल सीरप व नार्मल व डेक्सट्रोज स्लाइन के कई साइड इफेक्ट। आंबेडकर की स्टाफ नर्स बेहोश होकर गिर पड़ी थी।
Updated on:
06 Oct 2025 01:24 pm
Published on:
06 Oct 2025 01:24 pm
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