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अब जले तेल से बनेगा बायो डीजल, इतनी कीमत में खरीदेगी सरकार, 100 लीटर होने पर करें कॉल

CG Raipur News : होटलों और घरों में बचे खाने वाले तेल से बायो डीजल बनाया जाएगा।

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अब जले तेल से बनेगा बायो डीजल, इतनी कीमत में खरीदेगी सरकार, 100 लीटर होने पर करें कॉल

अब जले तेल से बनेगा बायो डीजल, इतनी कीमत में खरीदेगी सरकार, 100 लीटर होने पर करें कॉल

CG Raipur news : होटलों और घरों में बचे खाने वाले तेल से बायो डीजल बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण 20 रुपए प्रति लीटर की दर से यूज्ड तेज खरीदेगा। रायपुर जिले से इसकी शुरूआत कर दी गई है। राजधानी के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारी रमेश मेढ़ेकर को यूज तेल एकत्रित करने का काम दिया गया है। लोकल रेस्टोरेंट, होटल, फूड प्रोसेसर कंपनियां, घर के किचन और फूड बिजनेस करने वाली कंपनियों से तेल का कलेक्शन किया जाएगा।

CG Raipur News : शासन के निर्देशानुसार उपयोग किए हुए खाने के तेल को बायोडीजल बनाने में उपयोग किया जाना है। अत: खाद्य एवं औषधि प्रशासन सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों से अपील की गई है, कि खाद्य पदार्थ तलने / छानने के लिए एक ही तेल का दो बार से अधिक प्रयोग न करें।

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100 लीटर जमा होने पर करें कॉल

होटलों-रेस्टोरेंट्स और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से जले हुए तेल को जमा करने के लिए प्लान बनाया गया है। ऐसे तेल को एक जगह स्टॉक करके रखने कहा गया है। कम से कम 100 लीटर होने के बाद छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारी 7880161532 पर कॉल कर इसे दिया जा सकता है।

जले हुए कुकिंग ऑयल की जांच के लिए तीन टीम बना दी गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के द्वारा नंबर जारी किया गया है। जिसमें कॉल करे जला तेल बेंचा जा सकता है।

-देवेंद्र पटेल, अभिहित अधिकारी, राजस्व

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ड्रोम मशीन से करेंगे टीपीसी की जांच

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्राधिकरण ने ड्रोम मशीन दी है। इस मशीन से ही खाद्य तेल में टोटल पोलर कंपाउंड (टीपीसी) की जांच करती है। अगर खाद्य तेल में टोटल पोलर कंपाउंड 25 से ज्यादा हो तो खाद्य तेल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। टोटल पोलर कंपाउंड तभी बढ़ता है, जब तेल को बार-बार गर्म किया जाए। इस तरह के तेल की जांच के लिए विभाग ने तीन-तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तीन टीम बनाई गई है। टीम के द्वारा जिले के सभी स्ट्रीट फूड एवं ऐसे दुकानों की जांच की जाएगी और अगर वह तेल अमानक पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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कई बीमारियां हो सकती हैं

बार-बार एक ही तेल प्रयोग में लाने पर फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं। जो आगे चलकर कैंसर, स्ट्रोक और अलजाइमर जैसी घातक बीमारियां देते हैं। एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से तेल में फैट जमने लगता है और तेल का रंग काला पड़ जाता है। अगर जले हुए तेल को बार-बार प्रयोग किया जाता है तो यह सेहत को नुकसान पहुंचाता है। यह तेल शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा सकता है। जले हुए तेल में विषैले तत्व का निर्माण होता है, जो पेट में जाने के बाद गैस का बनाता है। जिसके कारण, आपको अपच और पेट दर्द जैसी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।