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बंगाल टाइगर, दरियाली घोड़ा की संख्या बढ़ी, हिमालयन भालू की घटी

- जंगल सफारी जंगल सफारी में हिरण 199, सांभर 14 व नीलगाय 46

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बंगाल टाइगर, दरियाली घोड़ा की संख्या बढ़ी, हिमालयन भालू की घटी

बंगाल टाइगर, दरियाली घोड़ा की संख्या बढ़ी, हिमालयन भालू की घटी

दिनेश यदु @ रायपुर. जंगल सफारी (jungle safari) का नाम सुनते ही लोगों के दिलों-दिमाग में बाघ, सिंह, तेंदुआ व हिरण (Tiger, Lion, Leopard and Deer) सहित कई वन्यप्राणी छा जाते है। 1 नवंबर 2016 को इसका लोकार्पण किया था, तब जंगल सफारी में 4 सफारी और 11 बाड़ों में वन्य जीवों को रखा गया। यहां रॉयल बंगाल टाइगर, वाइट टाइगर, एशियन लायन, (Bengal Tiger, White Tiger, Asian Lion) नीलगाय, काला हिरण, घडिय़ाल (nilgai, blackbuck, alligator) और अन्य वन्य जीव थे। विगत 6 वर्षों में जंगल सफारी के वन्यप्राणियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बंगाल टाइगर को एक्सचेंज करके वन्यप्राणी दूसरे प्रदेश से लाए गए हैं। हिरण की संख्या 111 से बढ़कर अब 199 हो गया है। वहीं सांभर 7 से 14 हैं।
वाइट टाइगर बना आकर्षण का केंद्र
जब जंगल सफारी का लोकार्पण हुआ था, तब जंगल सफारी में तीन बंगाल टाइगर थे, अभी वर्तमान में सफारी व जू में 5 बाघ हैं। इसमें से तीन बाघों को मैसूर व कानन पेंडारी जू में एक्सचेंज किया गया था। असम से लाए गए बंगाल टाइगर किशोरी ने जुलाई 2017 में तीन शावक को जन्म दिया था। तीनों शावक का नाम कान्हा, चेंदरू और बिजली रखा था। 2015 में वाइट टाइगर लाया गया था, लेकिन अभी तक इसकी संख्या में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वहीं सिंह की संख्या 9 है। लोमड़ी की संख्या भी 2 से 5 हो गई है।

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IMAGE CREDIT: Dinesh Yadu @ Patrika Raipur

अभी करीब 32 से ज्यादा बाड़ों में वन्यप्राणी
जंगल सफारी में वर्तमान में 32 से ज्यादा बाड़ों में अलग-अलग वन्यप्राणी रखे गए हैं। करीब 10 से 11 बाड़े बनाने के बाद 14 नए बाड़े बनाने के बाद यहां संख्या बढ़कर 43 हो जाएगी। एक दो बाड़े में ही लोहे की जालियां लगी है। सांप, छिपकली और तेंदुआ के बाड़े में कांच लगाया गया है, जिससे पर्यटक आसानी से वन्यप्राणियों को देख सकते हैं।
इन जीवों को लाने की तैयारी
नंदनवन पक्षी विहार में जहां विदेशी पक्षियों को लाया गया है, वहीं जंगल सफारी के जू में चिंपाजी, जेब्रा, स्कूरियल मंकी, ओरिक्स, वाइल्ड बीस्ट, मर्मोसेट, रिंग टेल कैट, टामरिन व जीराफ जैसे वन्यप्राणियों की तैयारी कर रहे हैं।
जंगल सफारी प्रबंधक एम.मर्सीबेला ने बताया कि सफारी व ज़ू में वन्यप्राणियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ कुछ नए मेहमान भी जल्द आने वाले हैं। इसके अलावा दूसरे राज्य व विदेशी वन्यप्राणियों के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही लोग विदेशी वन्यप्राणियों को जू में देख पाएंगे।