
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कैमरे (फोटो सोर्स- Freepik)
CG News: परिवहन विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कैमरे की मदद से ओवर लोडिंग करने वाले मालवाहक वाहनों की निगरानी करेगा। इसके लिए राज्य के बॉर्डर पर बनाए गए 12 चेकपोस्ट में जल्दी ही करीब 15 करोड़ की लागत से 150 कैमरा और कम्प्यूटर लगाया जाएगा। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग करने के बाद सिविल लाइंस स्थित डॉयल 112 के बिल्डिंग के कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद परिवहन विभाग इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। इसके लिए विभाग की ओर से इसी महीने निविदा जारी होगी।
साथ ही खरीदी के बाद इसे चेकपोस्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगाया जाएगा। वाहन का वजन करते समय उसकी फोटो लेने के साथ ऑटोमेटिक कम्प्यूटर के जरिए क्षमता से अधिक वजन की जांच होगी। बार्डर पर बनाए गए चेकपोस्ट में आए दिन विवाद और वसूली की शिकायत मिलने के बाद परिवहन विभाग मुख्यालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था। इसमें हर साल ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों का ब्यौरा और राजस्व राशि का उल्लेख किया गया था।
राज्य सरकार को चेकपोस्ट से हर साल करीब 350 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है। यह राजस्व वाहनों की जांच के दौरान मालवाहक वाहन ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लघन करने से समंस शुल्क वसूल किया जाता है। इसकी बकायदा ऑटोमेटिक मशीनों के जरिए पर्ची दी जाती है। लेकिन, कई बार दूसरे राज्यों के वाहन चालक इसे लेकर हंगामा करते है। बता दें कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के बाघ नदी और ओडिशा में बार्डर के पास ऑटोमेटिक चेकपोस्ट बनाए गए है। जहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए वाहनों की जांच होती। इसी के तर्ज पर राज्य के बार्डर के चेकपोस्ट का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
ओवरलोडिंग और रफ्तार के कहर से सड़क हादसों में इजाफा हुआ है। रोजाना 49 हादसों में 19 लोगों की मौत 38 लोग घायल हो रहे है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने और ओवरलोडिंग की वजह से हादसे लगातार बढ़ रहे है। इसे रोकने के लिए सख्ती के साथ कार्रवाई करने की जरूरत है। पिछले ३ महीनों में 5000 हादसे में 2100 की मौत और 4100 से ज्यादा घायल हुए है।
परिवहन विभाग के चेकपोस्ट में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 8 लाख मालवाहक वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 346.86 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। यह कार्रवाई 1 अप्रैल 2024 से 30 मार्च 2025 के दौरान की गई। जबकि इसी अवधि में 2023-24 के दौरान 340 करोड़ 51 लाख 61277 रुपए वसूल किया गया था। इस दौरान 14 लाख 81642 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि सख्ती के चलते वाहनों की संख्या 58792 कम थी। लेकिन, केंद्रीय मोटरयान अधिनियम का उल्लघन करने के प्रकरण ज्यादा थे।
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बार्डर पर राजनांदगांव जिले में बनाए गए पाटेकोहरा चेकपोस्ट में सबसे ज्यादा 261395 वाहनों से 57 करोड़ 92 लाख 2319 रुपए का राजस्व वसूला गया। वहीं ओडिशा बार्डर पर महासमुंद के खमारपाली में 27 करोड़ 92 लाख 9807 रूपए वसूल किया गया। उक्त दोनों ही चेकपोस्ट राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर बनाए गए है। यह गुजरात के सूरत से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह तक जाता है। इसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से रायपुर और महासमुंद का सरायपाली जुड़ा हुआ है।
उक्त मार्ग पर ही सबसे ज्यादा मालवाहकों का आवागमन होता है। वहीं सबसे कम मध्यप्रदेश और सीमा पर राजनांदगांव में बनाए गए छोेटा मानपुर में 833 वाहनों से 1049310 रूपए समंस शुल्क वसूल किया गया। इसी तरह रायपुर जिले में तैनात उड़नदस्ता टीम द्वारा 27 करोड़ 21 लाख 38587 रुपए वसूल किया गया।
ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की निगरानी करने के लिए चेकपोस्ट का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसकी निगरानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित कंट्रोल रूम से होगी।-एस प्रकाश,सचिव परिवहन विभाग
Updated on:
14 Aug 2025 08:28 am
Published on:
14 Aug 2025 08:28 am
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