महासमुंद. पैसे नहीं मिलने से नाराज होकर बेटे ने माता-पिता व दादी पर हॉकी स्टिक से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना को छिपाने के लिए तीनों शवों को बाथरूम के पीछे छिपाए रखा। फिर दो दिन बाद बाड़ी में ही सैनिटाइजर डालकर जला दिया। घर की दीवारों पर खून के छींटे और बाड़ी में कुछ जलने के निशान मिलने पर पुलिस की शक की सुई घूमी। मृतक के बड़े बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर वह टूट गया और उसने पिता प्रभात भोई, मां झरना बाई एवं दादी सुलोचना भोई तीनों की हत्या कबूल ली। हत्या करने के बाद उसने पिता के पैसों से जमकर खरीदारी की। उसने नया, टीवी, मोबाइल और एसी भी खरीद लिया।
एस.पी. धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पुटका निवासी उदित भोई(24) ने 12 मई को सिंघोड़ा थाना में आकर सूचना दी कि उसके पिता प्रभात भोई (53) 8 मई को सुबह इलाज कराने के लिए रायपुर जा रहा हूं कहकर निकले हैं और वापस नहीं आए हैं। सिंघोड़ा पुलिस ने सूचना पर गुम इंसान पर रिपोर्ट दर्ज की। इधर गुम इंसान का दूसरा बेटा अमित कुमार भोई पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, वह अपने घर ग्राम पुटका पहुंचा। उसके चाचा पंचानन ने बताया कि तुम्हारे पिता, मां एवं दादी 8 मई से घर पर नहीं हैं। दोनों घर पर पहुंचे तो बड़ा भाई उदित भी नहीं मिला। घर की बाड़ी तरफ गया तो बाड़ी में कुछ जलाने के निशान दिखे। राख को हटाने पर उसमें मानव अवशेष मिले और घर पर भी खून के छींटे भी। किसी अनहोनी की आशंका से अमित ने थाना सिंघोड़ा सूचना दी। पुलिस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो अमित की बातों को सही पाया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम, चिकित्सा अधिकारी, कार्यपालक मजिस्ट्रेट, डॉग स्क्वॉयड व पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सबूत जुटाए।
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ऐसे दिया घटना को अंजाम
पुलिस ने बताया कि आरोपी का पैसों को लेकर पिता से विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी उदित नाराज होकर अपने कमरे में सो गया था। 7 मई की रात 2 से 3 बजे के बीच उठा और सोते हुए माता-पिता एवं दादी पर हॉकी स्टिक से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी और शवों को 10 व 11 मई को जला दिया। इसके बाद राख एवं हड्डी को वहीं गड्ढे में दबा दिया। हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए घर की अच्छी तरह से सफाई की। किसी को शक न हो इसके लिए वह अपने पिता के मोबाइल से रिश्तेदारों को कुशलक्षेम का समाचार देता रहा।