
जल मार्ग की तैयारी (फोटो सोर्स: AI)
रायपुर @ राहुल जैन।Patrika Exclusive: आने वाले समय में छत्तीसगढ़ और ओडिशा जल मार्ग से भी जुड़ेंगे। इसे ओडिशा के संबलपुर बैराज से नवा रायपुर के बीच बनाने की तैयारी है। इसके लिए राष्ट्रीय जलमार्ग-64 (महानदी नदी) के विस्तार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इस डीपीआर तैयार करने का जिम्मा आईआईटी मद्रास के एनटीसीपीडब्ल्यूसी (राष्ट्रीय बंदरगाह, जलमार्ग और तट प्रौद्योगिकी केंद्र) को दिया गया है।
इस कार्य में ओडिशा सरकार के अनुरोध पर हीराकुड में एमआईसीई (बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) सुविधाएं स्थापित करने के औचित्य का अध्ययन करना भी शामिल होगा। इससे परिवहन के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) की 197वीं बोर्ड बैठक हुई।
इसमें भारत में अंतरदेशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा को जल मार्ग से जोड़ने की पहल भी शामिल है। बताया जाता है कि इसके लिए राज्य सरकार भी लंबे समय से प्रयास कर रही है।
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की पहल से छत्तीसगढ़ की नदियों को जल मार्ग के लिए शामिल किया गया है। प्रदेश में पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिला है। ऐसे में जल मार्ग के रास्ते छत्तीसगढ़ में परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसे आवागमन के अलावा माल परिवहन के लिए सबसे कम खर्च जलमार्ग में लगता है। बता दें कि महानदी ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों से होकर बहती है और एक महत्वपूर्ण जल परिवहन साबित हो सकता है।
हालांकि महानदी के पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद भी चल रहा है। दोनों राज्यों के बीच महानदी के पानी के उपयोग को लेकर करीब 37 साल से विवाद चल रहा है। दरअसल, महानदी के कैचमेंट एरिया का 53 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में और 46.5 प्रतिशत ओडिशा में है। इसलिए महानदी को छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा भी कहा जाता है।
राज्य में खेती- किसानी से लेकर उद्योग और अर्थव्यवस्था में इसकी महती भूमिका है, लेकिन हीराकुंड बांध से छत्तीसगढ़ को न पानी मिल रहा है और न ही बिजली। महानदी का यह विवाद सबसे पहले 1983 में शुरू हुआ। 2016 में ओडिशा सरकार इस मामले को लेकर कोर्ट में चली गई। 2017 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। वहां से ट्रिब्यूनल में भेजा दिया गया। अब दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है।
केंद्र सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की इस पहल से नए रास्ते खुलेंगे। इसका फायदा आने वाले समय में देखने को मिलेगा। - केदार कश्यप, जल संसाधन मंत्री
Published on:
02 Jun 2025 09:49 am
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