
Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: छत्तीसगढ़ के रायपुर पत्रिका में नंवबर माह से शुरू किए गए ‘रक्षा कवच अभियान’ से आई जागरूकता से डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में कमी आई हैं। लेकिन शेयर ट्रेडिंग व अन्य लालच वाले मामलों में लोग अभी फंस रहे हैं। पत्रिका के अभियान से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का भी मानना हैकि डिजिटल अरेस्ट के केस थमे हैं। लेकिन लालच से ठगी के मामलों से लोगों को तब तक बचाना मुश्किल है जब तक वे खुद सतर्क नहीं होते।
पत्रिका पाठकों के लिए गत माह शुरू किया गया ‘रक्षा कवच अभियान’ कई मायनों में सफल रहा। साइबर ठगों के गढ़ मेवात राजस्थान में जहां 150 से ज्यादा बदमाश गिरफ्त में आए, वहीं जामताड़ा झारखंड में भी अनेक गिरफ्तारियां भी हुईं। इनमें छत्तीसगढ़ में हुए कई मामलों का खुलासा भी हुआ। छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी इस दौरान अनेक वारदातों का पीछा करते हुएकई चेहरे बेनकाब किए।
सैकड़ों की संख्या में पत्रिका पाठकों ने ‘रक्षा कवच’ से प्रेरित होकर खुद को ठगों के जाल में फंसने से बचाया और पत्रिका को धन्यवाद दिया। पुलिस अफसरों और साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स ने भी तमाम जागरूकता वर्कशॉप में पत्रिका का साथ दिया और इस अभियान की सराहना की। पिछले एक माह में डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में एकदम से कमी आई लेकिन, लालच के कारण अभी भी कुछ लोग ठगों के चंगुल में आ रहे हैं। अन्य विषयों पर अभियान जारी रहेगा पर साइबर क्राइम के मामलों में पत्रिका मदद जारी रखेगा…
अभियान के दौरान 50 से ज्यादा स्कूल व कॉलेजों में साइबर अवेयरनेस वर्कशॉप की गई। इसके अलावा कॉलोनियों में, व्यापारियों के साथ व मॉर्निंग वॉकर्स के साथ भी छोटी वर्कशॉप की गईं। साइबर एक्सपर्ट के साथ ठगी से बचने के तरीके समझाए गए। इन वर्कशॉप में 5 हजार से ज्यादा स्वैच्छिक वॉलंटियर्स ने शपथ ली कि वो अपने आसपास सभी को जागरूक करेंगे।
साइबर क्राइम से लोगों को बचाने ‘पत्रिका’ ने निभाई अहम भूमिका
Updated on:
02 Jan 2025 11:09 am
Published on:
02 Jan 2025 11:08 am
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