
PM Awas Yojana: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवासों की मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा, इससे लाखों गरीब परिवारों को अपने सिर पर छत का सपना साकार करने में मदद मिलेगी। वहीं सीएम हाउस में पत्रकारवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री साय ने बताया, नियद नेलानार योजना के तहत केंद्र सरकार से नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 10 हजार पीएम आवास की मांग की गई है। इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है। इसके जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया, पीएम आवास की जो स्वीकृति मिली है, उसमें एसईसीसी 2011 के अंतर्गत 6 लाख 99 हजार 331 आवास और 1 लाख 47 हजार 600 आवास प्लस शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति जिन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी कहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 हजार 64 आवास की मंजूरी दी गई है। इनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक 1 लाख 99 हजार प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा चुका है और मोदी की गारंटी के अनुसार 18 लाख आवासों का निर्माण समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, पिछले 5 सालों तक गरीबों को छत नहीं मिला। कांग्रेस सरकार ने गरीबों का हक छीना है। पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ के 18 लाख से अधिक गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए थे, क्योंकि तत्कालीन सरकार ने इस योजना के लिए आवश्यक राज्यांश 40 प्रतिशत जमा नहीं किया था।
हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ ली और अगले ही दिन 14 दिसंबर को हमारे पहले कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। राज्यांश की व्यवस्था भी तुरंत की गई। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने 47 हजार से ज्यादा आवास मंजूर किए थे और उसकी पहली किस्त जारी की थी। हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के इसकी दूसरी किस्त जारी की है।
केंद्र सरकार ने श्रमिकों को भी पीएम आवास योजना का लाभ देने की पहल की है। इसके लिए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा सभी राज्य सरकारों को एक पत्र जारी किया गया है। इसमें प्रवासी श्रमिकों, भवन निर्माण श्रमिकों, बीड़ी श्रमिकों, सिनेमा श्रमिकों, गैर-कोयला खदान श्रमिकों, संविदा श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के अन्य श्रमिकों को आवास योजना के तहत शामिल करने का आग्रह किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पीएम आवास योजना को अतिरिक्त पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी के बाद लिया गया है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ अतिरिक्त घर उपलब्ध कराना है।
यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है। बता दें कि पीएम आवास योजना का लाभ उन सभी को मिलेगा, जिनका नाम 2011 की सर्वे सूची में शामिल थे। इसके बाद भी बहुत से श्रमिक ऐसे हैं, जो इस दायरे में शामिल नहीं हो सके। अब ऐसे श्रमिकों को पीएम आवास योजना से जोड़ने की पहल की जा रही है।
Updated on:
05 Sept 2024 09:06 am
Published on:
05 Sept 2024 09:06 am
