
बजट से पहले सियासी घमासान! मतांतरण विधेयक और धान खरीदी पर कांग्रेस का वार, जानें किन-किन मुद्दे पर होगी चर्चा(photo-patrika)
Chhattisgarh Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बजट पेश होने से पहले सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा लाए जाने वाले प्रस्तावित मतांतरण विधेयक का विरोध करने और धान खरीदी सहित विभिन्न जनहित मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तय की गई।
बैठक में धान खरीदी के दौरान किसानों से कथित वादाखिलाफी, कानून-व्यवस्था की स्थिति, एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम कटने, खरीदी केंद्रों में बोरा भराई व तौल के नाम पर अवैध वसूली, सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार, उद्योगों द्वारा एनजीटी गाइडलाइन के उल्लंघन, बिजली दरों में बढ़ोतरी तथा अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून के पालन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि बजट सत्र में जनहित से जुड़े सभी मुद्दों को आक्रामक ढंग से सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने धान खरीदी में अव्यवस्था को राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि ऐसी बदइंतजामी पहले कभी नहीं देखी गई। आगामी बजट को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “दुर्गति वाला बजट” बताया।
मतांतरण विधेयक पर उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब सरकार इस विषय पर नया कानून क्यों ला रही है। साथ ही माओवादी प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। कांग्रेस ने इन इलाकों में विकास कार्यों की रूपरेखा को लेकर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
विधानसभा में कवासी लखमा के पहुंचने पर कांग्रेस विधायकों ने उनका स्वागत किया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और किरण सिंह देव ने भी उन्हें गले लगाकर अभिवादन किया। उल्लेखनीय है कि शराब घोटाले के मामले में लखमा करीब एक वर्ष बाद अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें शर्तों के साथ सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है। सदन में उन्हें विपक्ष की अग्रिम पंक्ति में अनिला भेडिया के साथ स्थान दिया गया।
सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। विपक्ष ने अभिभाषण के दौरान कोई व्यवधान नहीं डाला, जबकि सत्तापक्ष ने समय-समय पर मेज थपथपाकर समर्थन जताया। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 25 फरवरी को होगी। अभिभाषण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इसमें कोई नई घोषणा नहीं थी और पुरानी योजनाओं को ही दोहराया गया। उन्होंने बजट से भी जनता को विशेष उम्मीद न होने की बात कही।
राज्यसभा की संभावित दावेदारी पर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने किसी भी तरह की अटकलों को खारिज किया। वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने स्पष्ट किया कि राज्य से अपने ही नेता को भेजा जाएगा और इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा।
Updated on:
24 Feb 2026 10:23 am
Published on:
24 Feb 2026 10:21 am
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