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कांग्रेस-भाजपा में 5 साल बनाम 15 साल की सियासत तेज

CG Election News: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख और भाजपा के प्रत्याशियों की घोषणा होते ही अब कांग्रेस-भाजपा के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।

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Politics of 5 years vs 15 years intensifies between Congress-BJP

कांग्रेस-भाजपा में 5 साल बनाम 15 साल की सियासत तेज

रायपुर। CG Election News: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख और भाजपा के प्रत्याशियों की घोषणा होते ही अब कांग्रेस-भाजपा के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बीच कांग्रेस के पांच साल बनाम भाजपा के 15 साल के कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर सियासी तीर चले। दोनों ने एक दूसरे के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जमकर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर धान खरीदी समेत अन्य मुद्दों पर पोस्ट कर सियासी हमला बोला। इसके बाद पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने पर पलटवार किया और अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का उल्लेख किया है।

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सीएम बघेल ने गिनाई 15 साल की गलतियां

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा ने 15 साल में छत्तीसगढ़ को क्या दिया? आंखफोड़वा कांड, गर्भाशय कांड, नसबंदी कांड,पोरा बाई कांड। उन्होंने आगे लिखा- कांग्रेस ने 5 साल में छत्तीसगढ़ को स्वामी आत्मानंद स्कूल,सबको 35 किलो चावल प्रतिमाह, हॉफ बिजली बिल और कॉलेज जाने के लिए बच्चों को फ्री बस।

डॉ. रमन ने किया यह पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करते हुए लिखा कि झूठ का झुनझुना बजा लिया हो तो सच पढ़िए। कांग्रेस ने 5 साल में छत्तीसगढ़ को क्या दिया? 15,000 करोड़ (कोयला, गौठान, महादेव एप आदि) की लूट और भ्रष्टाचार, भाजपा की बनाई आदर्श पीडीएस नीति में घोटाला, अपराधियों को संरक्षण और नशे का कारोबार, 36 वादों के घोषणापत्र में लपेटकर बेचा गया चूरन, पीएससी, बेरोजगारी भत्ता समेत पक्षपात और कुशासन की एक लंबी सूची शामिल है।

भाजपा के डेढ़ दशक के स्वर्णिम कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को आईआईटी, एआईआईएमएस, एचएनएलयू समेत अनेक राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थान, 58 लाख गरीब परिवारों के लिए 1 रुपए किलो चावल और नि:शुल्क नमक की बेहतरीन योजना, 60 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों और सैकड़ों पुल-पुलियाओं का निर्माण, 9000 करोड़ के बजट को बढाकर 95,000 करोड़ तक पहुंचाया, चरणपादुका योजना, तीर्थ दर्शन योजना समेत अनेकों जनहितकारी योजनाएं दी।

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