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प्रयास विद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गई होनहार आदिवासी छात्रा

छत्तीसगढ़ गरियाबंद जिला छुरा के अंतर्गत ग्राम गायडबरी की होनहार छात्रा विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उनके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर की वजह प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा में बैठने से वंचित हो गई।

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प्रयास विद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गई होनहार आदिवासी छात्रा

प्रयास विद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गई होनहार आदिवासी छात्रा

कोपरा. छत्तीसगढ़ गरियाबंद जिला छुरा के अंतर्गत ग्राम गायडबरी की होनहार छात्रा विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उनके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर की वजह प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा में बैठने से वंचित हो गई।
विदित हो कि राज्य शासन के द्वारा होनहार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए साथ ही उनके निशुल्क 12वीं तक की शिक्षा के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किया जाता है। इसमें प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है और उसमें मेरिट के आधार पर उनका चयन किया जाता है। प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म ब्लॉक स्तर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा कराया जाता है और उसे सहायक आयुक्त आदिवासी विकास परियोजना के कार्यालय में जमा किया जाता है।
लेकिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुरा के कार्यालय में इस प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वाली होनहार आदिवासी छात्रा के साथ कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी के द्वारा मजाक किया गया है। विदित हो कि कु. भूमिका दीवान पिता नीलकमल दीवान ग्राम जामली (मुड़ागांव) की निवासी है। जो कि अपने मामा के ग्राम गायडबरी में टेमन दीवान के घर रहकर माध्यमिक शाला गायडबरी में कक्षा आठवी की पढ़ाई कर रही है। छात्रा के पालक ने बताया कि उन्होंने प्रयास विद्यालय में प्रवेश हेतु परीक्षा में शामिल होने के लिये फार्म जमा किया था। जिसकी रसीद भी बकायदा कार्यालय के द्वारा दी गई। किंतु कार्यालय के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरेंद्र सिन्हा के द्वारा छात्रा के फार्म को सहायक आयुक्त के कार्यालय में जमा ही नही किया गया।
उक्त बात का पता छात्रा व उसके परिजनों को तब लगा जब 17 अप्रेल को होने वाली प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए वे विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुरा के कार्यालय में प्रवेश पत्र हेतु गए। एक होनहार आदिवासी छात्रा जो कि अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करती है। उसके साथ शासकीय कार्यालय के द्वारा घोर लापरवाही की गई। जिस पर छात्रा व उसके पालक में आक्रोश व्याप्त है।
छात्रा के पिता नीलकमल दीवान से बात करने पर उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में होशियार है। इसलिए वे उसका दाखिला प्रयास विद्यालय में हो जाये यह सोचकर प्रवेश परीक्षा बैठने हेतु फार्म भरा, किंतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी छुरा और वहां के बाबू सुरेंद्र सिन्हा की लापरवाही से मेरी बेटी प्रवेश परीक्षा में बैठने से वंचित हो रही है। शासन प्रशासन से निवेदन है कि ऐसे अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे।
वहीं विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर दोनों से बात करने पर वे गोलमोल जवाब दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में जिसमें एक आदिवासी विकासखंड की आदिवासी छात्रा जो कि प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा से बीईओ और कंप्यूटर ऑपरेटर की लापरवाही से वंचित हो रही है। उस पर जिला प्रशासन व उच्च अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर से स्पष्टीकरण मांगा है
वहीं बीईओ केएल मतावले ने बताया कि मेरे कार्यालय के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती से छात्रा का फार्म जमा नही हो पाया है। मैंने कंप्यूटर ऑपरेटर से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही छात्रा के आवेदन को व्हाट्सएप के माध्यम से सहायक आयुक्त के फोन में भेजा है। छात्रा को परीक्षा में बिठाया जाएगा। यदि छात्रा परीक्षा में नही बैठ पाएगी तो मैं स्वयं उक्त कर्मचारी के बर्खास्तगी के लिये प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करूंगा।