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10वीं–12वीं परीक्षा शुल्क वृद्धि का विरोध, शिक्षा मंडल के बोर्ड पर काली पोता जताया विरोध

रायपुर। परीक्षा शुल्क बढ़ाना गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। यह निर्णय न केवल छात्र-विरोधी है, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना के भी विपरीत है।

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रायपुर। कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा शुल्क में की गई अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में एनएसयूआई ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मंडल कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर प्रतीकात्मक रूप से काली पोतकर अपना विरोध दर्ज कराया।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब शिक्षा व्यवस्था गरीब विद्यार्थियों की चिंता छोड़कर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम करेगी, तो छात्र संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लाखों आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

ऐसे समय में परीक्षा शुल्क बढ़ाना गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। यह निर्णय न केवल छात्र-विरोधी है, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना के भी विपरीत है। प्रदर्शन में कुणाल दुबे, अंकित बंजारे, ओज पांडेय, शेख अर्सलान, तनिष्क मिश्रा, हिमांशु तांडी, विनय साहू, पुष्पेंद्र जायसवाल, अमन सिंह, मनीष साहू मौजूद थे।

-फीस वृध्दि वापस नहीं हुआ तो आंदोलनहेमंत पाल ने बताया कि यदि 10वीं–12वीं की परीक्षा फीस में की गई वृद्धि को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो एनएसयूआई शिक्षा मंत्री के शासकीय आवास घेराव करेगी।

यह आंदोलन चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा और पूरे प्रदेश में छात्रहित में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।