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महिला उत्पीडऩ मामला : प्रताडि़त करने के लिए मंत्री ने रचा था षड्यंत्र

पंचायत ग्रामीण विकास व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ रायपुर की अदालत में दायर परिवाद की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई। शिकायतकर्ता मंजीत कौर ने अपना बयान दर्ज कराया।

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Ashish Gupta

Jan 08, 2016

Women harassment case

Minister formed a conspiracy

रायपुर.
पंचायत ग्रामीण विकास व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ रायपुर की अदालत में दायर परिवाद की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन शिकायतकर्ता मंजीत कौर बल ने अपना बयान दर्ज कराया।


शिकायत का ब्यौरा पेश करते हुए ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा की बर्खास्त प्रशिक्षण अधिकारी मंजीत ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्टे्रट शांतनु देशलहरे को बताया कि बदसलूकी की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने पर उन्हें प्रताडि़त किया गया।


मंत्री अजय चंद्राकर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सेवानिवृत्त उप संचालक भवानी शंकर तिवारी के साथ मिलकर षड्यंत्र किया। मंजीत कौर के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि अदालत ने 12 गवाहों में से एक गवाह का बयान हो चुका है। चार अन्य गवाहों के बयान 5 फरवरी को होना तय हुआ है।


मंजीत कौर ने यह मामला दो दिसम्बर को दायर किया था। इसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि मंत्री होने की वजह से पुलिस जांच के प्रभावित होने की आशंका है। एेसे में न्यायालय ने शिकायत की जांच खुद करने का फैसला किया व गवाहों को समन जारी किया।


पुलिस ने खड़े कर लिए थे हाथ

निमोरा प्रशिक्षण संस्थान में विशाखा कमेटी की अध्यक्ष रहीं मन्जीत कौर को प्रशिक्षु महिला अधिकारियों की एक शिकायत शासन तक पहुंचाने पर मंत्री अजय चंद्राकर की नाराजगी का सामना करना पड़ा था।


उन्हें अयोग्य बताकर बर्खास्त कर दिया गया। बाद में उन्होंने थाने में और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर लिखने में अपनी असमर्थता जता दी थी।

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