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New Year 2026: “1 जनवरी वाला नया साल नकली, असली नववर्ष इस दिन”

Hindu NavVarsh 2026: नववर्ष कब है और कब मनाएं, इस पर सोशल मीडिया पर दो धड़े हो गए हैं। अब आर्टिस्ट इशिका ने 1 जनवरी को नकली और थोपा गया कहा है। जानिए, उन्होंने किस दिन नववर्ष मनाने की अपील की है और क्यों?

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भारत

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Adarsh Thakur

Jan 02, 2026

New Year 2026 Debate

Hindu New Year 2026 Date: हिंदू नववर्ष 2026 कब है? (फोटोः एआई)

Hindu Nav Varsh 2026 Date: आज जब दुनिया 1 जनवरी के स्वागत में आतिशबाजी और पार्टियां कर रही है, तब देश का बड़ा वर्ग अपनी सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैचारिक मंथन कर रहा है। युवाओं और हिंदु समुदाय के बीच ये सवाल गूंज रहा है कि, क्या वाकई 1 जनवरी हमारा नववर्ष है? या हम महज एक थोपी गई परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं? इसी सवाल पर पूर्व मिस इंडिया और वर्तमान में सनातन धर्म की प्रचारक इशिका तनेजा ने अपनी बात रखी है। उनका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खूब शेयर किया जा रहा है और सुर्खियां बटोर रहा है।

1 जनवरी या चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, नववर्ष पर छिड़ी बहस

इशिका तनेजा ने अंग्रेजी नए साल के दिन वीडियो पोस्ट किया है। तनेजा साफ कह रहीं हैं कि, 1 जनवरी को नववर्ष मनाना केवल पश्चिमी कैलेंडर का असर है। उन्होंने कहा कि यह 'नकली नववर्ष' है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखें तो, भारतीय पंचांग और विक्रम संवत खगोलीय गणनाओं पर आधारित हैं, जो सृष्टि की शुरुआत और ऋतु परिवर्तन का सटीक बोध कराते हैं। इसलिए हमारा नया साल आज नहीं, बल्कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होगा, जो कि इस साल 19 मार्च को है।

प्रकृति और संस्कृति का मेल है हिंदू नववर्ष

हिंदू नववर्ष को सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बदलती, बल्कि यह ब्रह्मांड की चेतना से जुड़ने का पर्व होता है। माना जाता है कि, चैत्र प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। इसी समय से सतयुग का आरंभ माना जाता है। इशिका तनेजा ने अपील की है कि, हमें अपनी पुरानी और गौरवशाली परंपराओं पर गर्व होना चाहिए। जब हम अपनी जड़ों से जुड़ते हैं, तभी हमें वास्तविक आत्मसम्मान और रियल हैप्पीनेस मिलती है।

न्यू ईयर नहीं अब नववर्ष मनाने का समय

इशिका का कहना है कि, एक सनातनी होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि, हम अपनी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। हैप्पी न्यू ईयर के शोर में अपनी संवत्सर की परंपरा को भूल जाना हमारी सांस्कृतिक हार है। सोशल मीडिया पर लोग इशिका का जमकर समर्थन करते दिख रहे हैं। यूजर्स कह रहे हैं कि, बदलाव की लहर अब चल पड़ी है। इशिका जैसी शख्सियतें आज युवाओं को यह समझा रही हैं कि, असली गौरव अपनी प्राचीन मान्यताओं को जीवंत रखने में है, थोपे गए न्यू ईयर को मनाने में नहीं।

बता दें कि, इशिका तनेजा ने ग्लैमर जगत छोड़कर सनातन धर्म की राह चुन ली थी। महाकुंभ में दीक्षा लेकर वे अब सनातन संस्कृति का प्रचार कर रही हैं।


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