25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तीन मंजिला इमारत हुआ धराशायी, अवैध निर्माण पर निगम ने चलाया हथौड़ा

अनुमति बगैर अवैध निर्माण करने वालों पर निगम ने नजरें टेढ़ी कर ली है। निगम प्रशासन ने उनके आंखों के सामने अवैध निर्माण का धराशायी कर दिया।
2 min read
Google source verification
Raipur nagar nigam demolishes illegal construction

तीन मंजिला इमारत हुआ धराशायी, अवैध निर्माण पर निगम ने चलाया हथौड़ा

रायपुर. राजधानी के केनाल रोड से लगी जलविहार कॉलोनी में एक व्यक्ति ने तीन मंजिला अवैध निर्माण तान लिया था। अवैध निर्माण को हटाने के लिए निगम ने तीन नोटिस भी जारी किया था, लेकिन निर्माण कर्ता हेमंत गोयल ने नोटिस की अनदेखी की। इसके बाद निगम प्रशासन ने शनिवार को अमला भेजकर अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाना शुरू किया। वहीं, पुरानी बस्ती में भी नीना गुप्ता द्वारा किए गए तीन मंजिला अवैध निर्माण को तोडऩे की कार्रवाई जोन पांच के अमले द्वारा शनिवार को की गई।

चार जगहों पर बड़ी कार्रवाई
निगम प्रशासन द्वारा केनाल रोड पर अनुमति के विपरीत 3 हजार स्क्वेयर फीट घेरकर बनाए जा रहे एक तीन मंजिला इमारत को जमीदोंज किया गया। वहीं, शंकर नगर में बिना अनुमति के बनाए अतिरिक्त निर्माण को भी तोडऩे की कार्रवाई की गई। देवपुरी में निगम की खाली पड़ी जमीन को कोई व्यक्ति घेर रहा था, उसे भी कब्जा मुक्त किया गया।

जोन तीन के अंतर्गत जलविहार कालोनी में हेमंत गोयल ने मकान निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शे के विपरीत केनाल रोड की ओर खाली पड़ी जमीन को घेरकर मकान निर्माण करना शुरू कर दिया था। जिसकी खबर लगते ही शनिवार सुबह निगम की टीम पहुंच गई। करीब 40 मजदूर तोडफ़ोड़ के लिए लगाए गए। तीन मंजिला इमारत को तोडऩे में दिन भर का समय लगा। इधर शंकरनगर मुख्यमार्ग में दीपक गायन ने निगम के जोन तीन में मकान नियमितीकरण की अर्जी लगाई थी। इसके बाद वह बिना अनुमति के प्रथम और द्वितीय तल पर अवैध निर्माण करने लगा था। उसे तोड़ा गया।

इसी तरह जोन 5 के महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड में राजेंद्र अग्रवाल द्वारा स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया जा रहा था। जिसे भी तोडऩे की कार्रवाई की गई। एक और कार्रवाई देवपुरी क्षेत्र में की गई। यहां मेसर्स आरएस ड्रीमलैंड बिल्डर को बिल्डिंग निर्माण के एवज में कमजोर आयवर्ग के लोगों के लिए निगम द्वारा जमीन आरक्षित करवाई गई थी। जिसमें कोई व्यक्ति बाउंड्रीवाल कर घेर रहा था। इसकी खबर लगते ही नोटिस जारी किया गया। इसके बाद आज कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।