
Swine Flu Alert: लक्षण वाले मरीज बढ़े(photo-patrika)
Swine Flu Alert: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। प्रदेश में अब तक दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। रायपुर और दुर्ग में एक-एक मरीज मिला है और दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस बीच अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे लक्षण स्वाइन फ्लू में भी दिखाई दे सकते हैं, लेकिन हर मामले में संक्रमण की पुष्टि जरूरी नहीं है। राहत की बात है कि जांच में ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
प्रदेश में फिलहाल स्वाइन फ्लू के दो मरीज सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी देखी जा रही है। ऐसे मरीजों की स्थिति और लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराई जा रही है। जिन मरीजों को 10 दिनों से ज्यादा समय तक खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ रहती है, उनके स्वाब की जांच की जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार सर्दी, खांसी, तेज बुखार, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं, लेकिन इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि मरीज को H1N1 संक्रमण ही है। जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है। आईसीएमआर के अनुसार H1N1 वायरस में फिलहाल कोई नया म्यूटेशन सामने नहीं आया है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में अगस्त तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 80 से ज्यादा मरीज मिल चुके थे। इनमें रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव के मरीज शामिल थे। उस दौरान छह मरीजों की मौत भी हुई थी। इनमें चार मौतें बिलासपुर और दो राजनांदगांव में हुई थीं। वहीं, इस साल अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है।
डॉक्टरों के मुताबिक पिछले साल गंभीर मामलों में बीमारी की जांच और उपचार में देरी भी चिंता का कारण बनी थी। इस बार लक्षण दिखाई देने पर मरीजों की समय पर जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर डॉक्टरों की सलाह के अनुसार एंटीवायरल दवा से उपचार किया जाता है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों से फैल सकता है, इसलिए अस्पतालों में मरीजों को जरूरत के अनुसार आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था की जाती है। उपचार में लगे स्वास्थ्यकर्मियों को भी संक्रमण से बचाव के लिए मास्क समेत जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में संक्रमण के मामले ज्यादा सामने आते हैं, वहां लापरवाही बरतने पर संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे संक्रमण में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इससे धूल और प्रदूषण से भी बचाव होता है। नेहरू मेडिकल कॉलेज के एचओडी रेस्पिरेटरी मेडिसिन डॉ. आरके पंडा के अनुसार फिलहाल यह सीजनल सर्दी, खांसी और वायरल फीवर का समय है। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत है।
Updated on:
25 Aug 2026 07:45 am
Published on:
25 Aug 2026 07:41 am
