
Raipur news कैदियों के लिए भेजे जाने वाले गेहूं की क्वालिटी पर कारोबारियों ने सवाल उठाया है। इसकी आपूर्ति के बाद जेल अधीक्षकों द्वारा इसे वापस लौटा दिया गया है। कारोबारियों का कहना है कि कम कीमत पर क्वालिटी कंट्रोल का दावा खोखला साबित हो रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जेल में कैदियों को किस तरह की रोटी खिलाने की तैयारी चल रही है, क्योंकि जेल में घुन लगे हुए गेहूं भेजे गए थे।
कारोबारियों ने बताया कि जल्दी ही ज्ञापन सौंपकर इसकी जांच करने की मांग की जाएगी। जेल डीजी द्वारा नैफेड को गेहूं, चावल, दाल सहित 19 सामानों के आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी निविदा लेने वाले कारोबारी द्वारा इसकी आपूर्ति की जा रही है। लेकिन, सामानों की पहली खेप की आपूर्ति होते ही जेल अधीक्षकों और जेलरों ने इसे लेने से इंकार करते हुए वापस लौटा दिया।
कारोबारियों का कहना है कि ओपन टेंडर जारी करने पर कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी का सामान मिलता। लेकिन, नैफेड ने बिना किसी पूर्व सूचना सामानों की आपूर्ति की जिम्मेदारी एक व्यक्ति को सौंप दी। जबकि, प्रतिस्पर्धा और एक से अधिक निविदाकारों से सामान लेने पर जिम्मेदारी तय होती। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर निविदा कैंसिल होने की आशंका के चलते निर्धारित समय पर कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी का सामान मिलता।
नैफेड के निविदाकार द्वारा भेजे गए गेहूं को लेकर जेल अधीक्षक और जेलर चुप्पी साधे हुए है। गेहूं से भरे ट्रक को वापस लौटाने की जानकारी जेल मुख्यालय को भेजी गई है। साथ ही इसकी क्वालिटी का ब्यौरा दिया गया है। कारोबारियों ने बताया कि निविदाकार द्वारा घुन लगा हुआ गेहूं भेजा गया था।
नैफेड राज्य प्रमुख संजय सिंग ने कहा कि गेहूं से लदे हुए ट्रकों के वापस लौटाने की जानकारी नहीं है। इसके घुन लगा हुआ बताने पर इसकी जांच कराई जाएगी। इस समय अवकाश पर हूं। वापस लौटने पर जानकारी लूंगा।
Published on:
14 Apr 2024 12:57 pm

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