9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

29 साल पहले कराया रोजगार पंजीयन, हर 3 साल में रिनिवल, अब तक नहीं मिली नौकरी

रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के बाद भी आवेदक को नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। आवेदक ने 1987 में जिले के रोजगार कार्यालय में नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था

2 min read
Google source verification

image

deepak dilliwar

Oct 03, 2016

Employment Registration

Employment Registration

रायपुर. रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के बाद भी आवेदक को नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। आवेदक ने 1987 में जिले के रोजगार कार्यालय में नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों और राजगार कार्यालय की लचर व्यवस्था के चलते उसे 29 साल से नौकरी का इंतजार है। इसको लेकर आवेदकों ने सोमवार को जनदर्शन में आवेदन देकर कलेक्टर से नौकरी दिलाने की मांग की है।

प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवाता है। जिसके बाद समय-समय पर विभागों में भर्ती निकलती है, जिनमें इन युवाओं को मौका दिया जाता है। लेकिन कभी भी रोजगार कार्यालय से सूचना आवेदकों तक नहीं आती। जिले के नवापारा स्थित आवेदक अरुण कुमार वर्मा ने 29 साल पहले रोजगार कार्यालय में नौकरी के पंजीयन कराया था, लेकिन अब तक उसे नौकरी नहीं मिली। ऐसे में दर-दर की ठोकरे खाने मजबूर है। ऐसे में जिला प्रशासन के अधिकारियों की उदासीनता साफ तौर पर देखी जा सकती है। यह केवल एक मामला नहीं एेसे दर्जनों लोगों ने कलक्टर को इस संबंध में शिकायत की है लेकिन उचित हल नहीं निकाले गए।

1987 में कराया था रजिस्ट्रेशन
आवेदक नवापारा राजिम निवासी अरुण कुमार वर्मा ने 22 जुलाई 1987 को जिले के रोजगार कार्यालय में रोजगार के लिए आवेदन देकर रजिस्ट्रेशन करवाया था। वहीं उस समय आवेदक ने एचएसएससी के लिए पेजीयन कराया था। इसके बाद आवेदक ने 11 साल बाद 1998 में बीएम का पंजीयन करवाया। लेकिन इसके बाद भी आवेदक को रोजगार कार्यालय से एक बार भी नौकरी के लिए बुलावा नहीं आया।

हर तीसरे साल करवाना पड़ता है नवीनीकरण
रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के बाद नियम है कि पंजीयन के तीन साल तक आवेदक को कोई नौकरी नहीं मिलती है। तो उसे अपने रजिस्टेशन को तीन साल के अंतर पर नवीनीकरण कराना होता है। आवेदकों ने तीन साल के अंतर पर लगातार पंजीयन का नवीनीकरण भी कराया है। वर्तमान में उसने 05 जुलाई 2016 को पंजीयन का नवीनीकरण कराया है। जो कि 31 जुलाई 2019 तक के लिए मान्य है।

चतुर्थ श्रेणी के पद के लिए भी तैयार
आवेदक अरुण का कहना है कि उसे अगर शासन से चतुर्थ श्रेणी का पद मिल जाता है। उसकी जीविका आसानी से चल जाएगी। वर्तमान में मजदूरी कर दिन काटना पड़ रहा है। ऐसे में परिवार की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

एक बार भी नहीं आया बुलावा
आवेदकों ने बताया कि उसके बाद इन 29 सालों मे एक बार भी रोजगार कार्यालय से बुलावा नहीं आया है। वहीं उसके साथ के लगभग लोगों को रोजगार मिल गया है।

केस-1
गुढिय़ारी से पहुंची सुरेखा बताती हैं कि उन्होंने 2002 में दसर्वी उत्तीर्ण करने के बाद ही पंजीयन करवा लिया था और तब से हर बार नवीनीकरण करवा रहीं हैं मगर 13 साल बाद भी सरकारी नौकरी नहीं मिली क्योंकि जब भी नौकरी का विज्ञापन निकलता है उसमें सीटें कम और आवेदक हजारों की संख्या में होते हैं।

केस-2
पंडरी से आई रीना लोधी का कहना है कि उन्होंने 2004 से पंजीयन करवा रखा है लेकिन हर साल नौकरी की आस में आवेदन जमा करवाती हैं लेकिन अब तक सिर्फ इंतजार ही कर रहीं हैं।

केस-3
इसी तरह रीता मंडावी ने भी 2010 में पंजीयन करवाया था और पांच साल से नौकरी की तलाश में अखबारों के विज्ञापनों को देखकर आवेदन कर रहीं हैं पर सफलता नहीं मिल रही। अब मजबूर होकर प्राइवेट नौकरी करने का इरादा बना लिया है, प्राइवेट नौकरी करते-करते सरकारी नौकरी के लिए कोशिश जारी रहेगी।

ये भी पढ़ें

image