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CG Assembly: विपक्ष ने प्रश्नकाल में उठाया दंतेवाड़ा में कथित मुठभेड़ का मुद्दा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्ष ने बस्तर में कानून व्यवस्था और दंतेवाड़ा के दो बच्चों को कथित मुठभेड़ में मारे जाने का मुद्दा सदन में उठाया। 

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Ashish Gupta

Nov 16, 2016

chhattisgarh vidhan sabha

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रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्ष ने बुधवार को प्रश्नकाल में सरकार पर सवालों की तीर चलाए। विपक्ष ने बस्तर में कानून व्यवस्था और दंतेवाड़ा जिले के दो बच्चों को कथित मुठभेड़ में मारे जाने का मुद्दा सदन में उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल से काम रोको प्रस्ताव स्वीकार कर चर्चा की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा विपक्ष का प्रस्ताव विचाराधीन है।

इसके अलावा सत्तापक्ष के विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रदेश की सार्वजानिक उपक्रमों की ऑडिट का मामला सदन में उठाया। शिवरनत शर्मा के सवाल पर सरकार ने माना कि सार्वजनिक उपक्रमों में होने वाली ऑडिट आपत्तियों का वक्त पर जवाब नहीं दिया जाता। वहीं विधायक के मांग पर मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि सारे विभागों को ऑडिट आपत्तियों का समय पर जवाब देने के लिए पत्र जारी किया जाएगा। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने रमन सरकार निशाना साधते हुए कहा कि अफसरों पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहा, इसलिए अधिकारी ऑडिट आपत्तियों पर जवाब नहीं देते।

सदन में प्रदेश सरकार के मंत्री अमर अग्रवाल सकते में आ गए जब बीजेपी के विधायक ने ही उनसे घाटे में चल रहे बिजली बोर्ड को लेकर सवाल दाग दिया। दरअसल मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी, छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी, छत्तीसगढ़ विद्युत ट्रेडिंग कंपनी घाटे में चल रहे हैं। इस पर तुरंत बीजेपी विधायक ने बिजली बोर्ड को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विधायक ने मंत्री से पूछा - बोर्ड फायदे में था या बोर्ड को 5 कंपनियों में बदलना फायदे में रहा। विधायक के सवाल पर मंत्री ने जवाब दिया कि तब बोर्ड फायदे में था।

इसके अलावा सदन में वन विभाग में लर्न नेचर कन्सलटेंट को भुगतान का मामला उठा। दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा ने यह मुद्दा उठाया। विधायक देवती के सवाल पर मंत्री महेश गागड़ा ने स्वीकार किया कि शासन की अनुमति के बगैर निविदा बुलाई गई थी। उन्होंने सदन को बताया कि लर्न नेचर कन्सलटेंट कंपनी वन विभाग के एसडीओ जेपी शर्मा की बहू अल्पना शर्मा और बेटे अभिषेक शर्मा की है। मंत्री महेश गागड़ा ने बताया कि टेंडर खुलने के दौरान जेपी शर्मा खुद कन्सलटेंट की ओर से दिल्ली गए थे। फिलहाल अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।

वहीं विधायक आरके राय ने सदन में छछानपैरी में हुई हत्या का मामला उठाया। विधायक ने पूछा- जब पॉलीग्राफी टेस्ट में अपराधी का नाम सामने आ चुका है तब क्यूं और किसके कहने पर पुलिस नाम सार्वजानिक नहीं कर रही? विधायक आरके राय के सवाल का जवाब देते हुए संसदीय सचिव लाभचंद बाफना ने कहा- मामले की जांच चल रही है। जल्द से जल्द अपराधी पकड़ में आएंगे। वहीं धनेन्द्र साहू ने मामले में संदिग्ध विष्णु जोगी की मौत पर भी सवाल उठाया।

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