
अनिवार्य सेवानिवृति के मामलों में रमन कैबिनेट ने लिया ये बड़ा फैसला
शासकीय सेवकों के लिए 50 वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद अनिवार्य सेवा निवृति के आदेश के विरूद्ध अभ्यावेदन का अवसर देने के लिए परिपत्र जारी किया जाएगा, जिसमें विभागाध्यक्षों, राजपत्रित अधिकारियों और अराजपत्रित कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत अभ्यवेदनों पर विचार करने के लिए अभ्यावेदन समिति का गठन किया जाएगा।समितियां इस प्रकार रहेंगी -
- विभागाध्यक्षों से प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव तथा विधि विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव इस समिति के सदस्य सह संयोजक होंगे।
- प्रथम और द्वितीय श्रेणी सेवा के अधिकारियों के अभ्यावेदनों पर विचार करने के लिए गठित समिति में मुख्य सचिव द्वारा नामांकित अपर मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे। समिति में संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव सदस्य- सह-संयोजक होंगे और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी सेवा के कर्मचारियों के अभ्यावेदनों पर विचार करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में प्रशासकीय विभाग के सचिव सदस्य होंगे और संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष सदस्य-सह-संयोजक होंगे।
Published on:
27 Apr 2018 05:48 pm
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