
Ayurvedic Medicine: छत्तीसगढ़ में लोगों में बढ़ती शराब की लत और उनसे होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए आयर्वेद कॉलेज रायपुर में दवा तैयार की गई है। इस दवा को लेने से शराब की लत को खत्म किया जा सकता है। इस दवा को बनाने के लिए शास्त्रों में दिए विधियों का उपयोग किया गया है।
CG News: आयुर्वेद के अनुसार, लंबे समय तक शराब के सेवन से मदात्यय रोग होता है, जिसे क्रोनिक अल्कोहलिज्म भी कहा जाता है। यह प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है। मदात्यय जन्य विकार का उल्लेख चरक संहिता में किया गया है।
अगद तंत्र विभाग के रिसर्च स्कॉलर डॉ. प्रेमनारायण सिंह ने बताया कि यह रिसर्च छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति और उससे होने वाले समस्याओं पर किया जाने वाला आयुर्वेद में अपनी तरह का पहला हैं। हमने 6 माह तक इसपर रिसर्च किया तो पता चला कि इसपर अब तक कोई स्टडी नहीं हुई है। हमने दवा को बनाने के लिए आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थों का ही उपयोग किया है।
राज्य में कई लोग इसका उपयोग भी कर रहे हैं, जिसका काफी पॉजिटिव इफेक्ट देखने को मिल रहा हैं। दवा को केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान झांसी और स्टेट ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी एवं अनुसंधान केंद्र से ड्रग आइडेंटिफिकेशन भी मिल चुका है। इसमें विभाग के विभागाध्यक्ष व स्टेट ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी एवं अनुसंधान केंद्र अधिकारी प्रोफेसर डॉ. एसआर इंचुलकर के साथ ही डॉ. चंद्रेश्वर प्रसाद सिन्हा और डॉ. युवराज कौशिक गाइड कर रहे हैं।
Published on:
18 Feb 2025 08:34 am
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